HIV+ के लिये बीमा कंपनियाँ मना नहीं कर सकतीं।​ Insurance Companies can’t deny cover for HIV+ patients.​

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने HIV+ बीमारी के लिये बीमा कंपनियों को कहा है कि वे इसका इलाज अपनी बीमा पॉलिसी से हटा नहीं सकते हैं, जब तक कि उनके एक्चुयरी की ओर से न कहा जाये। नियामक ने कहा है कि HIV+ और AIDS के लिये बीमा कंपनियाँ कवरेज में पक्षपात न करें।​

प्रिवेंशन एंड कंट्रोल एक्ट २०१७ के तहत बीमा कंपनियाँ अब HIV+ और AIDS के लिये पक्षपात नहीं कर सकतीं, जो कि १० सितंबर से लागू हो गया है। परंतु लगभग सारी बीमा कंपनियाँ इस पर कुछ भी बोलने से बच रही हैं और अपने अभी के उत्पादों में HIV+ और AIDS के लिये कवरेज नहीं दे रही हैं, साथ ही नये उत्पाद बाजार में लाने के लिये अभी तैयार नहीं हैं।​

कारण – ​

HIV+ और AIDS का इलाज बहुत महँगा है। अगर किसी को HIV+ और AIDS है तो उनका शरीर बहुत कमजोर हो जाता है और उनका इलाज का खर्च सामान्य इलाज की तुलना में कई गुना अधिक होता है, इन बीमारियों के टेस्ट भी बहुत महँगे होते हैं और साथ ही अगर अस्पताल में भर्ती करवाया जाता है तो ज्यादा लंबे समय तक अस्पताल में रहना होता है, जो कि सामान्य बीमारियों की दशा में नहीं होता है। केवल इसलिये कोई भी बीमा कंपनी HIV+ और AIDS को अपनी पॉलिसी के कवरेज में नहीं जोड़ती हैं।​

​बीमा कंपनियों की अपनी समस्याएँ है कि उनके पास HIV+ और AIDS बीमारियों से संबंधित पर्याप्त आँकड़े उपलब्ध नहीं है और वे लोग कैसे HIV+ और AIDS को अपनी बीमा पॉलिसी में कवरेज दें, निर्णय नहीं ले पा रहे हैं, कुछ बीमा कंपनियाँ HIV+ और AIDS की प्राथमिक अवस्था को अपनी बीमा पॉलिसी में कवर करने की योजना बना रही हैं, पर उसमें भी बहुत से नियम होंगे।​

स्टार हेल्थ बीमा कंपनी ने HIV+ के लिये भारत में पहली बीमा योजना लाई है, यह बीमा योजना समूह बीमा में है। योजना का नाम है स्टॉर नेटप्लस इंश्योरेंस प्लॉन, जो कि HIV+ के मरीजों को भी इलाज के लिये कवर करते हैं।

 

5 चीजें जो आपके रेंट एग्रीमेंट में जरूर होनी चाहिये

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

बहुत सारे लोग अपना गृहनगर छोड़कर दूसरे शहरों में पढ़ने, काम करने, व्यापार करने या फिर अच्छी जीवनशैली के लिये जाते हैं। नये शहर में जाकर उनके लिये सबसे पहला काम होता है कि रहने की जगह ढ़ूँढ़ना। क्योंकि यह नामुमकिन होता है कि वे नये शहर में जाने से पहले अपना घर खरीद लें, अगर बड़े शहरों में जा रहे हैं तो आजकल सभी लोग फ्लेट ही किराये पर लेना चाहते हैं, परंतु किराये पर घर लेने से पहले अच्छा यह है कि क्या नियम और कानून याने कि टर्मेस एँड कंडीशन्स हैं, जान लेना चाहिये।

रेंट एग्रीमेंट आपके और मकानमालिक के बीच एक कानूनी दस्तावेज है, इसलिये जब भी रेंट एग्रीमेंट करें, अपनी आँख और कान खुले रखें, कोई नियम या कानून समझ नहीं आ रहा है तो मकानमालिक से समझने की कोशिश करें और तब भी संशय हो तो किसी वकील की मदद से समझने की कोशिश कर सकते हैं। यहाँ हम उन जरूरी ५ क्लॉज के बारे में बात कर रहे हैं, जो कि आपको रेंट एग्रीमेंट (Rent Agreement) में ध्यान से देखना चाहिये और ये क्लॉज आपके रेंट एग्रीमेंट में जरूर होने चाहिये

. किराये की राशि, जमानत राशि या अन्य भुगतान

रेंट एग्रीमेंट में साफ साफ किराये की राशि लिखी हो व रेंट एग्रीमेंट खत्म होने तक हर महीने की किस तारीख को किराया देना है और किस तारीख तक ही किराया दे सकते हैं, और अगर कोई लेट फीस है तो वह भी एग्रीमेंट में लिखी होनी चाहिये।

अधिकतर २ महीने के किराये के बराबर राशि की जमानत राशि ली जाती है, परंतु मुँबई और बैंगलोर जैसे शहरों में मकानमालिक १० महीने के किराये के बराबर की जमानत राशि लेते हैं, इस बारें में अभी तक सरकार का कोई कानून या नियम नहीं आया है। जमानत राशि रेंट एग्रीमेंट में लिखी हो और रेंट एग्रीमेंट में यह भी साफ लिखा हो कि यह राशि कब लौटा दी जायेगी।

बिजली, पानी, गैस के बिल अगर किराये के अतिरिक्त है तो यह भी रेंट एग्रीमेंट में साफ साफ लिखा होना चाहिये, अगर बिजली का कनेक्शन अलग है या सबमीटर है तो बिजली की कीमत कैसे निकाली जायेगी।

. एग्रीमेंट का समय और नवीनीकरण की शर्तें

साधारणतया: रेंट एग्रीमेंट ११ महीने के होते हैं, पर यह ज्यादा समय के भी हो सकते हैं, परंतु सुनिश्चित कर लें कि एग्रीमेंट की समय सीमा साफ साफ लिखी हो

साथ ही लॉक इन पीरियड, जिसमें कि न तो किरायेदार घर छोड़ सकता है और न ही मकानमालिक घर से जाने को कह सकता है, सुनिश्चित कर लें कि यह भी रेंट एग्रीमेंट में लिखा हो व यह भी लिखा हो कि अगर लॉकइन अवधि के दौरान अगर किसी के भई द्वारा एग्रीमेंट खत्म करना हुआ तो इसके लिये क्या क्या करना होगा। साधारणतया: अगर किरायेदार ल़ॉकइन अवधि के दौरान घर छोड़ता है तो मकानमालिक के द्वारा उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जाती है और अगर मकानमालिक लॉकइन अवधि के दौरान घर छोड़ने को कहता है तो मकानमालिक को किरायेदार को जमानत राशि के बराबर की राशि, जमानत राशि सहित देना होता है।

ध्यान रखिये कि लॉकइन अवधि नोटिस अवधि से अलग होती है, नोटिस अवधि समान्यत: एक या दो महीने होती है, अगर यह अवधि दो महीने की है तो आपको घर खाली करने के पहले मकानमालिक को दो महीने के नोटिस देना होगा। ध्यान रखें कि नोटिस अवधि लॉकइन अवधि में वैध नहीं है।

कब और कैसे रेंट एग्रीमेंट का नवीनीकरण होगा, नवीनीकरण होगा या नहीं, कितना किराया बढ़ेगा, किराये का आपसी सहमति से कम किया जा सकता है या नहीं इत्यादि भी रेंट एग्रीमेंट में लिखा होना चाहिये। जैसे कि मुँबई में ब्रोकर ही रेंट एग्रीमेंट करवाते हैं और वे नवीनीकरण पर कितना ब्रोकरेज लेंगे, ब्रोकरेज कौन देगा, यह सब बातें भी रेंट एग्रीमेंट में ब्रोकर लिख देते हैं, तो इन शर्तों को ध्यान से पढ़ लें।

३. फिटिंग और समान की सूचि

रेंट एग्रीमेंट में आप जिस फ्लेट को किराये पर ले रहे हैं, उसका नंबर भी होना चाहिये, कौन से फ्लोर पर है यह भी लिखा हो। घर का एरिया कितना है, कितने कमरे हैं, बाथरूम, लिविंग एरिया, किचन इत्यादि। अगर आपने फर्निश्ड घर लिया है तो उसके समान की सूचि जैसे कि सोफा, बिस्तर, कुर्सियाँ, अलमारियाँ, मेज, पंखे, बल्ब, गीजर, ट्यूबलाईट, एयर कंडीशनर इत्यादि। हो सके तो फोटो खींचकर मकानमालिक और ब्रोकर के साथ शेयर कर दें, जिससे जब आप मकान खाली करें तो मकानमालिक की आपत्तियों का निराकरण किया जा सके।

४. रेंट एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन

हमें रेंट एग्रीमेंट का रजिस्ट्रेशन करना चाहिये। अगर रेंट एग्रीमेंट रजिस्टर्ड नहीं है तो कोर्ट के द्वारा एग्रीमेंट को प्राथमिक दस्तावेज नहीं माना जायेगा और जो भी डिस्प्युट है उसको साबित करने के लिये आपको अपने सबूत देने होंगे।

रेंट एग्रीमेंट रजिस्टर करने के लिये आपको स्टॉम्प डयूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क देय होते हैं। ये शुल्क किरायेदार और मकानमालिक दोनों आधा आधा वहन करते हैं, और यह भी रेंट एग्रीमेंट में लिखा होता है। साथ में यह भी लिखा होना चाहिये कि लीगल फीस कौन देगा, ब्रोकरेज कौन देगा, इत्यादि।

५. प्रतिबंध

बहुत सारे मकानमालिक किरायेदार को जानवर पालने की इजाजत नहीं देते हैं, तो रेंट एग्रीमेंट के पहले ही मकानमालिक से यह पूछ लेना चाहिये, और भी ऐसी बहुत सारी बातें हो कि माँसांहार नहीं करना चाहिये, शराब का सेवन नहीं करना चाहिये, सोसायटी में उपलब्ध अन्य सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं या नहीं, पार्किंग उपलब्ध है या नहीं, बगीचे और छत का उपयोग कर सकते हैं या नहीं।

रेंट एग्रीमेंट (Rent Agreement) की ओरिजनल प्रति मकानमालिक रखते हैं, पर ध्यान रखें कि एक प्रति आपके पास भी हो।

 

 

म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश कब करें? When to Invest in Mutual Fund and Equity Market​?

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

हम निवेश के लिये हमेशा ही उत्साहित रहते हैं और हमेशा ही अपनी जमापूँजी को, मेहनत की गाढ़ी कमाई को किसी और के कहने पर दाँव पर लगाने के लिये तैयार रहते हैं। हम अपनी ही बचत के लिये अपना दिमाग खर्च करने की बिल्कुल कोशिश नहीं करते हैं, बस किसी एक्सपर्ट ने क्या बता दिया, वह पत्थर की लकीर हो गया। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो ठहरिये, सोचिये, समझिये, ये जो पैसा आप किसी और के कहने पर, जो कि टीवी या रेडियो से बोल रहा है, वह तो इतना बोलकर अंतर्ध्यान हो जायेगा, अगर आपको घाटा हुआ तो आप कुछ नहीं कर पायेंगे, केवल अपनी किस्मत को दोष ही देंगे।

ऐसे कभी भी अपने निवेश न करें, निवेश करने के लिये कोई बहुत बड़ी पढ़ाई लिखाई नहीं चाहिये होती है, केवल थोड़ी सी समझ भी बहुत होती है। कुछ बुनियादी बातें मैं यहाँ बताना चाहता हूँ

म्यूचुअल फंड में निवेश जब भी करें, यह नियम जरूर पालें

६ माह से २ साल के लिये डेब्ट फंड में ही निवेश करें

२ साल से अधिक के लिये अपनी रिस्क देख लें और उचित प्रकार से निवेश करें। हमेशा ही लंबी अवधि याने कि १० वर्ष या अधिक के लिये निवेश करें, तभी अच्छा खासा फायदा होगा, कम से कम आप १२% प्रतिवर्ष की ब्याज दर का लाभ मानकर चलें। मेरे खुद के कई निवेश हैं जो कि २०% से ज्यादा के लाभ दे रहे हैं। बस हमें लंबी अवधि के लिये सोचना है और उन निवेशों को हाथ नहीं लगाना है।

शेयर बाजार में निवेश कब करें

शेयर बाजार में भी निवेश कभी भी कर सकते हैं, बस यह ध्यान रखें कि आपको शेयर बाजार के निवेश के बारे में थोड़ा बहुत पता हो, लंबी अवधि के निवेशकों को बहुत ज्यादा एक्सपर्ट होने की भी जरूरत नहीं है। यहाँ भी सबसे बड़ी समस्या यह है कि जो टीवी पर कहा जाता है, लोग उसे ही सुनकर फैसला ले लेते हैं। उस समय वे किसी एक्सपर्ट की सलाह को ही सर्वोपरि मान लेते हैं, हमेशा इस बात का ध्यान रखिये, कि टीवी पर उनको सारी चीजें बेचना पड़ती हैं, मैंने ऐसे बहुत से लोग देखे हैं जो कि एक्सपर्ट के कहे अनुसार खरीद तो लेते हैं, पर उनको घाटा उठाना पड़ता है।

हमेशा ही खुद पढ़ें और समझें तभी निवेश करें, अगर निवेश खुद से करने जा रहे हैं, तो हमेशा ही बड़ी कंपनियों में निवेश करें, न कि छोटी कंपनियों में जिनका नाम आपने न सुना है और न ही आपको उनके व्यापार और प्रबंधन के बारे में पता है, और उन कंपनियों के प्रबंधन और व्यापार की चर्चा कहीं भी नहीं होती है, आपका अपना पैसा है, आपको बहुत सावधानी बरतनी चाहिये। और अगर किसी ऐसी कंपनी में निवेश करना भी चाहते हैं तो पहले खुद उसके बारे में पढ़ लें और फिर निवेश करें। जल्दी पैसा कमाना आपका उद्देश्य नहीं होना चाहिये, आपको हमेशा ही याद रखना चाहिये कि आप यहाँ रातों रात अमीर बनने नहीं आये हैं, बल्कि यहाँ बैंक से ज्यादा ब्याज दर कमाने के लिये आये हैं।

शेयर बाजार में उतार चढ़ाव आते रहते हैं, और जब ज्यादा कमाना है तो आपको रिस्क भी ज्यादा ही लेनी होगी, इसलिये अपनी निगाहें शेयर बाजार पर सतत रखें, क्योंकि कुछ बड़ी कंपनियाँ भी अच्छा नहीं कर पाती हैं और डूब जाती हैं, तो ऐसा न हो कि आप अच्छी कंपनी में निवेश करके सो जायें, नहीं तो आपकी गाढ़ी कमाई का पैसा डूब जायेगा।

 

नये जमाने के वित्तीय उत्पादों में निवेश करें, परंपरागत निवेश उत्पादों को छोड़ें

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

परंपरागत निवेश उत्पादों से हटकर आज के वित्तीय उत्पादों में बच्चों के भविष्य के लिये निवेश करना होगा। बच्चे निष्कपट होते हैं, और वे सभी बातों पर यकीन कर लेते हैं जो उनको कही जाती हैं और वही उनके मानस में अंकित हो जाता है। जब आप अपने बच्चों के लिये निवेश करें तो आप ध्यान रखें कि आप ऐसा न करें, आप परंपरागत निवेश के उत्पादों से हटकर आज के वित्तीय उत्पादों में निवेश करें। परंपरागत निवेश से अब आप अपने बच्चों का भला नहीं कर सकते हैं, क्योंकि उनका रिटर्न बहुत ही कम होता है और मुद्रास्फीति उस रिटर्न के बराबर ही होती है।

उदाहरण के लिये आपने १०० रूपये ५ वर्ष पहले निवेश किये थे, जिस पर आपको ८% का ब्याज मिल रहा था, परंतु अगर आप देखें तो मुद्रास्फीति भी लगभग बराबर ही रही, कई बार तो ब्याज दर से भी ज्यादा रही, तो जब आपको आपका १०० रूपया ब्याज के साथ मिलेगा, वह आज के १०० रूपये के बराबर नहीं, बल्कि बहुत कम होगा, आपने ५ वर्ष अपने रूपयों को निवेश भी किया, परंतु उसका कोई फायदा भी नहीं हुआ, तो ऐसे परंपरागत निवेशों से हमें बचने की आवश्यकता है, जहाँ कोई फायदा ही नहीं है, वे दिन गये जब बैंकों में ब्याजदर १० से १५% होती थी, अब तो अधिकतम ब्याजदर ही 7% है।

परंपरागत निवेशों में भरोसा हमें आज के नये वित्तीय उत्पादों में निवेश करने से रोकता है, क्योंकि हमें इसके बारे में सिखाया ही नहीं गया, और न ही हमारे अंदर जोखिम लेने की भावना को लाया गया, हमेशा ही हमें सिखाया गया कि शेयर बाजार में, म्यूचुअल फंड में पैसा डूब जाता है, पर फिक्सड डिपॉजिट सुरक्षित है। फिक्सड डिप़ॉजिट भी सुरक्षित नहीं है, अगर आपको इसके बारे में भी पता चल जाये तो फिर आप क्या करेंगे, ऐसे बहुत से बैंक रहे जो डूब गये और उनमें निवेश किये गये फिक्सड डिपॉजिट का पैसा भी निवेशकों को मिल नहीं पाया। खैर हम सरकारी बैंकों में निवेश कर रहे हैं, तो उनकी हालत भी बहुत अच्छी नहीं है। तो विश्वास किसी पर नहीं किया जा सकता है। मेरी राय में तो आज बैंकों में निवेश शेयर बाजार में निवेश से ज्यादा जोखिम भरा है। कब कौन से बैंक अचानक से बंद हो जायेगा, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है

आज के वित्तीय उत्पादों और निवेश पर हमारी मानसिकता को बदलना बहुत जरूरी है और हमें समझना होगा कि निवेश करना कोई बहुत बड़ा रॉकेट साईंस नहीं है, निवेश आप अपने लिये भी और अपने बच्चों के भविष्य के लिये अच्छी तरीके से कर सकते हैं। कुछ और भ्रांतियाँ भी हैं

. जवान लोग निवेश नहीं कर सकते हैं, इसलिये वे अपने अभिभावकों से निवेश में मदद लेते हैं।

. निवेश अमीर लोगों का खेल है, कम रूपयों से निवेश नहीं किया जा सकता है।

. निवेश शुरू करने के लिये आपके पास बहुत सारा पैसा होना चाहिये, म्यूचुआल फंड की SIP ५०० रूपयों से और शेयर बाजार में १ शेयर भी खरीदा जा सकता है, भला उसकी कीमत कुछ हो।

. आपके पास बहुत सारी वित्तीय जानकारी होनी चाहिये, तभी आप एक सफल निवेशक बन सकते हैं।

निवेश जब समझ आ जाये, तब शुरू कर देना चाहिये, इसमें कभी देर नहीं होती। आज समझ आ जाये तो आज से ही निवेश शुरू कर दें।

आप उपरोक्त बातों पर गौर करिये और खुद की तुलना करके देखिये, आपको थोड़ा बहुत तो समझ आ ही जायेगा, आप अपने विचार और सवाल कमेंट करके छोड़ सकते हैं।

 

अपने बच्चों के लिये जल्दी निवेश करना शुरू करते हैं तो कितना फायदा होता है?​

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

बच्चे का जन्म किसी भी अभिभावक के लिये एक सुखद क्षण होता है, हमेशा ही हमारे ख्वाब बच्चों के भविष्य के लिये रहते हैं, और अगर उनके लिये स्कूल, कॉलेज या कोई प्रोफेशनल ट्रेनिंग सब बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। जैसे जैसे बच्चा बड़ा होता जाता है, हमें पैसों की चिंता सताने लगती है, परंतु अगर आप पहले से ही बच्चों के लिये थोड़ा थोड़ा धन जोड़ रहे होते हैं और आपको पास पैसा है तो आप बच्चों के लिये बहुत कुछ कर सकते हैं। बच्चों के लिये उनके जन्म से ही बचत, बच्चे को सुरक्षित भविष्य देता है।

समय आपको जोखिम लेने देता है

आप अपने बच्चों को परीक्षा के एक सप्ताह पहले कुछ समय खेलने के लिये जरूर देंगे, परंतु जब केवल एक ही दिन बचा हो तो आप अपने बच्चों को समझायेंगे कि इस समय कोई जोखिम नहीं लिया जा सकता है और केवल पढ़ाई में ध्यान लगाओ, इससे आप अच्छे नंबर ला सकते हो। वैसे ही जब आपके पास समुचित समय है तो आपके पास जोखिम लेने के लिये भी बहुत समय है, जल्दी निवेश शुरू करके आप अपनी जोखिम को समझ सकते हैं और ज्यादा लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।

चक्रवृद्धि का फायदा

आपका बच्चा और आपका पैसा समय के साथ साथ बड़ता जायेगा। लंबी अवधि में निवेश में चक्रवृद्धि का फायदा आपको दिखेगा, आपके द्वारा किया गया छोटा निवेश लंबी अवधि में एक बड़ी रकम होकर आपके पास होगा। जितनी जल्दी आप निवेश की शुरूआत करेंगे, उतनी ही ज्यादा रकम आप अपने बच्चे के लिये जोड़ पायेंगे।

आयकर में बचत

अपने बच्चों के भविष्य के निवेश से ही आप अपने आयकर में भी बचत कर सकते हैं, आप अपनी करयोग्य आय में कमी कर सकते हैं, अगर आप ELSS में २ लाख रूपये अपने बच्चों के उच्च शिक्षा के लिये ५ वर्ष तक निवेश करते हैं, तो आप १.५ लाख रूपयों का निवेश अपने आयकर में दिखा सकते हैं।

समय के साथ अपनी खर्च करने की आदतें बदलें

जैसे हम अपने बच्चों को सुबह जल्दी उठने की आदत डालते है, जिससे हम यह सुनिश्चित कर पायें कि वे अनुशासन में रहें और स्वस्थ जीवन जी सकें। उसी तरह से हमें जल्दी से जल्दी निवेश करने की शुरूआत करें और अनुशासित तरीके से निवेश करें, जिससे कि आप भी अनुशासित होकर स्वस्थ वित्तीय जीवन जी पायें। एक बार आप निवेशक बन जायें तो आपको अपने खर्चों को ध्यान से करना होगा, जिससे कि आप अपनी बचत को प्राथमिकता दे पायें।

लंबी अवधि के निवेश मुद्रास्फीति से लड़ने में सहायता करते हैं

मुद्रास्फीति याने कि इन्फलेशन बढ़ती ही जा रही है, और मुद्रास्फीति से लड़ने का एकमात्र तरीका है कि हम किसी ऐसे उत्पाद में निवेश करें जो कि हमें ज्यादा लाभ या रिटर्न देते हैं। लंबी अवधि के निवेश सही निवेश के उत्पादों में करने से यह संभव है। अगर आप जल्दी निवेश करते हैं तो आपको बस लंबी अवधि तक निवेशित रहना है।

अगर आपको २०३८ में बच्चों के लिये अच्छी रकम चाहिये तो आज ही निवेश करना शुरू करें, यहाँ तक कि ५ वर्ष भी बहुत बड़ा अंतर कर देते हैं।

अगर आप १ लाख रूपये एक साथ आज २०१८ में निवेश करते हैं तो २०३८ में वे १२% की गणना से लगभग ९.६५ लाख रूपये होते हैं, अगर २०२३ में १ लाख रूपये निवेश करते हैं तो २०३८ में १२% की गणना से लगभग ५.४७ लाख रूपये होते हैं, जो कि लगभग ४.१८ रूपये कम होते हैं।

वैसे ही अगर १० हजार रूपये हर महीने SIPकरते हैं और आज २०१८ से निवेश शुरू करते हैं तो १२% की गणना से लगभग ९९.९ लाख रूपये होते हैं और अगर २०२३ से शुरू करते हैं तो लगभग ५०.५ लाख रूपये होते हैं, जो कि लगभग ४९.४ लाख रूपये कम होते हैं।

 

अपने बच्चों के भविष्य के लिए म्यूचल फंड में निवेश करें

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

अपने बच्चों के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने से आप उनकी शिक्षा और भविष्य के लिए एक बड़ी रकम जोड़ पायेंगे।

बच्चों के भविष्य के लिए बचत करना हर अभिभावक की प्राथमिकता होती है और शिक्षा दिलवाना बहुत महँगा हो गया है, अच्छा यही है कि अभिभावक अपने बच्चों के लिए बचत बच्चे की जन्म से ही Continue reading…

 

इक्विटी म्यूचुअल फंड और एसआईपी में आप अपने बच्चे के लिये निवेश करिये

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

भारत में अभिभावकों के लिये बच्चों की पढ़ाई और विवाह हमेशा ही प्राथमिकता में होते हैं।आज की दुनिया में बहुत से विविध कैरियर के ऑप्शन भी हैं जैसे खेल, गायन, नृत्य इत्यादि, तथा साथ ही पढ़ाई का खर्च बढ़ता ही जा रहा है। Continue reading…

 

निवेश के 5 तरीके जिससे आपका निवेश आपके बच्चों के साथ ही बढ़ता रहे

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

जब हमारे बच्चे होते हैं, हम उनके भविष्य की भी रूपरेखा अपने मनमस्तिष्क में बनाने लगते हैं, अपने भविष्य के लक्ष्य में बच्चों का भविष्य भी जुड़ जाता है। समस्या यह है कि न हमें पता होता है कि कैसे इन वित्तीय लक्ष्यों को पाना है और हमें कहाँ निवेश करना है, तो आईये जानते हैं निवेश के ५ तरीके जिससे आपका निवेश आपके बच्चों के साथ ही बढ़ता रहे।

सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान SIP  

SIP में पूर्व निर्धारित समय अंतराल पर एक रकम निवेशित करते रहते हैं हर महीने आपके बैंक के अकाउँट से वह रकम अपने आप निकलकर म्यूचुअल फंड में निवेश हो जाती है जो कि महीने के किसी एक निश्चित दिन को होती है। 

आप अपनी SIP ₹500 से शुरू कर सकते हैं, आपको फायदा यह है कि आपके रूपये की कीमत भी एवरेज होती जायेगी। 

मतलब कि आप हर उतार चढ़ाव में अपनी मेहनत की कमाई का निवेश कर रहे हैं। 

सिस्टेमेटिक विड्रॉल प्लान SWP –  

यह SIP का ठीक उल्टा है, इसका मतलब हर महीने आप छोटी मात्रा में अपने निवेश में से पैसा निकालते रहते हैं। 

जैसे-जैसे आपके बच्चे बड़े हो रहे हैं वैसे वैसे उनकी जरूरतें भी बढ़ती जाती हैं, SWP आपके खर्च करने की क्षमता को बनाये रखता है और आप जरूरत के अनुसार पैसा खर्च कर सकते हैं।आप हर महीने एक निश्चित अंतराल के बाद किसी एक दिन को SWP के लिये सुनिश्चित कर सकते हैं, तो आपकी द्वारा निर्धारित रकम हर महीने सीधे आपके बैंक खाते में पहुँच जायेगी। 

मंथली इनकम प्लान MIP – 

यह एक हाइब्रिड फंड है जो कि डेब्ट में ज्यादा निवेशित होता है, अगर फंड में लाभ होता है तो एक समय अंतराल पर वह कुछ ना कुछ पैसे आपको देते रहते हैं। 

इस प्रकार के प्लान सुरक्षित रूप से अतिरिक्त आय कमाने का बेहतरीन साधन होते हैं। 

सिस्टेमेटिक ट्रांसफर प्लान STP – 

STP किसी समय अंतराल पर आपका पैसा एक स्कीम से दूसरी स्कीम में किसी एक म्युचुअल फंड हाउस में करने की सुविधा देता है। 

आप अपने पोर्टफोलियो को कम से कम जोखिम के साथ वापस से बैलेंस कर सकते हैं जिससे आप अपने बच्चे के भविष्य को सुरक्षित रख सकते हैं। 

फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान FMP- 

यह क्लोज एंडेड डेब्ट फंड होता है जिसका मैच्योरिटी पीरियड यानि की परिपक्वता अवधि निश्चित होती है और यह अवधि 1 महीने से लेकर 5 साल तक कुछ भी हो सकती है। 

आप अपनी बचत को यहां पर सुरक्षित तरीके से रख सकते हैं जिससे कि आप अपने बच्चे की उच्च शिक्षा के लिए जमा किये गये पैसे के गोल को प्राप्त कर पायें। 

 

StockEdge का उपयोग कैसे करें और क्यों करें?

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

stockedge

 

StockEdge का उपयोग कैसे करें और क्यों करें?

परिचय

डिजिटल इंडिया के समय में आजकल हर काम मोबाइल से हो जाता है । पहले हम लोगों को किसी भी कंपनी के बारे में जानकारी लेने के लिए इधर उधर इंटरनेट में खोजना पड़ता था, परन्तु अब ऐसा नहीं होता है । आज कल फाइनेंशियल समाचार से लेकर टेक्निकल स्कैन्स तक, सब कुछ एक ही मोबाइल एप्लीकेशन में आ जाता है । StockEdge इसी तरह का फाइनेंशियल एप्लीकेशन है । आइये इस आलेख में StockEdge के बारे में चर्चा करते है:-

क्या है StockEdge?

Stock Edge एक फाइनेंशियल एप्लीकेशन है । यह एप्लीकेशन उन ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए है जो स्टॉक मार्किट में रूचि रखते हैं । StockEdge १००% रिसर्च और एनालिटिक्स पर फोकस करता है । StockEdge एन.एस.ई. (NSE) और बी.एस.ई. (BSE) पर आधारित है । StockEdge युवा पीढ़ी को शेयर बाजार के बारे में समझने में मदद करता है । आइये इसकी विशेषताओं के बारे में चर्चा करते है:-

दैनिक अप्डेट्स

StockEdge में रोज हर तरह की कंपनियों के बारे में समाचार आता है, जो पढ़ने में आसान होता है। यह एप्लीकेशन उन लोगो के लिए मददगार है, जो दिन भर अपने कामों में व्यस्त होने के वजह से अखबार पढ़ने का समय नहीं निकाल पाते है । ट्रेडर्स को हर एक दिन का फाइनेंशियल समाचार मालूम होना चाहिये । और इस एप्लीकेशन के माध्यम से आप केवल एक ही क्लिक में किसी भी कंपनी की फाइनेंशियल समाचार को सरल भाषा में पढ़ सकते है ।

Daily Updates

 

 

 

 

 

 

 

 

 

डाटा की प्रस्तुति

StockEdge अपने डाटा प्रस्तुति के लिए जाना जाता है । ५- ६ मिनट में आप एन.एस.ई. (NSE) और बी.एस.ई. (BSE) में लिस्टेड किसी भी कंपनी के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं । इस एप्लीकेशन में आपको एक कंपनी की न केवल उसकी फाइनेंशियल जानकारी मिलती है बल्कि उसकी टेक्निकल डाटा, फंडामेंटल डाटा और भी विभिन्न डाटा प्रस्तुति है जिस कारणवश आपको इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा।

Data Presentation

 

 

 

 

 

 

 

 

 

हर सेक्टर की जानकारी

StockEdge में सेक्टर अनुसार जानकारी उपलब्ध है और इसमें सेक्टर की हर कंपनी की सम्पूर्ण जानकारी मिल जाती है । कौन सी कंपनी फायदे में रही और कौन सी कंपनी नुकसान में रही उस सेक्टर में, यह भी पता चल सकता है ।

उदहारण के तौर पर, मान लीजिये की यदि हम फार्मा सेक्टर पर रिसर्च कर रहे है, और हम StockEdge में जाकर गेनेर्स (तेजी) और लूसर्स (मंदी) को देखते हैं, तो हमें उस सेक्टर के बारे में मालूम पड़ जाता है यदि मान लिया जाये की फार्मा सेक्टर में कुल १० कम्पनियाँ हैं और उनमें से यदि ८ गेनेर्स लिस्ट में हैं, तो हमें उस सेक्टर में तेजी का आभास मिल जाता है

sector

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

फंडामेंटल स्कैन्स

StockEdge में ५० से ज़्यादा फंडामेंटल स्कैन्स है । आप फाइनेंशियल पैरामीटर्स का उपयोग कर स्टॉक को फ़िल्टर कर सकते है । इसमें कई सारे फंडामेंटल पैरामीटर्स हैं, जैसे की प्रोफिटेबिलिटी स्कैन्स, टर्नओवर स्कैन्स, सॉल्वेंसी स्कैन्स, एफिशिएंसी स्कैन्स आदि।  इन स्कैनों के माध्यम से आप कंपनी के फाइनेंशियल स्थिति के बारे में जान सकते  हैं।

fundamental scans

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

टेक्निकल स्कैन्स

StockEdge में २०० से ज़्यादा टेक्निकल स्कैन्स है । इसमें कई सरे टेक्निकल स्कैन्स है जैसे की सिंपल मूविंग एवरेज स्कैन्स, मनी फ्लो इंडेक्स स्कैन्स आदि। इसके माध्यम से आप टेक्निकल रूप से स्टॉक्स फिल्टर कर सकते हैं।
ये स्कैन्स टेक्निकल एनालिसिस के माध्यम से व्यापार करने वालों के लिए बहुत उपयोगी हैं ।

technical scans

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

कॉम्बिनेशन स्कैन्स

एक स्टॉक खोजने के लिए हमें बहुत सारे स्कैन्स का इस्तेमाल करना पड़ता है। ये कॉम्बिनेशन स्कैन्स हमें स्टॉक की पहचान करने और इससे ट्रेडिंग करने में मदद करेंगे। इस कॉम्बिनेशन स्कैन्स से ट्रेडर्स को स्टॉक को चुनने में मदद मिलेगी ।

हम यह उल्लेख करना चाहते हैं कि कॉम्बिनेशन स्कैन्स पेड फीचर है। इस सुविधा और कई ओर रोमांचक व्यापार विचारों का लाभ उठाने के लिए, आप एक  विशेष सदस्य के रूप में हमसे जुड़ सकते हैं।

Customer Portfolio

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

वीडियो के माध्यम से शेयर बाजार के बारे में सीखना

टेक्निकल और फाइनेंशियल स्कैन को छोड़कर आप StockEdge के माध्यम से शेयर बाजार के बारे में भी सीख सकते हो। शेयर बाजार एक विशाल क्षेत्र है। शेयर बाजार के तहत कई विषय आते है जैसे करेंसी, कमोडिटी, डेरिवेटिव्स, अल्गोरिथ्मिक ट्रेडिंग।StockEdge में  इन सभी के बारे में आप सीख सकते हो। मार्किट एक्सपर्ट्स हमें प्री रिकार्डेड वीडियो के माध्यम से शेयर बाजार के बारे में सिखाते हैं।

Learn Topics

 

 

 

 

 

 

 

 

 

StockEdge का प्रयोग क्यों करे ?

StockEdge सिर्फ एक  मोबाइल एप्लीकेशन नहीं है बल्कि StockEdge एक रिसर्च टूल है । आप रास्ते में चल रहे हो या ट्रैफिक में फँसे हों तो आप StockEdge द्वारा शेयर बाजार का रिसर्च कहीं से भी कर सकते हो। समाचार पत्र और टीवी पर लोग बोलते हैं कि यह स्टॉक ले लो, वो स्टॉक ले लो, पर खुद का रिसर्च करना अब जरूरी हो गया है।

यदि आप  एंड्राइड उपयोग  कर  रहे  हैं, आप यहाँ से एप्लीकेशन  डाउनलोड कर सकते हैं।

यदि आप आईओएस उपयोग  कर  रहे  हैं, आप यहाँ जा कर  एप्लीकेशन  डाउनलोड कर सकते हैं।

निष्कर्ष

अंत में हम बताना चाहेंगे की Stock Edge एप्लीकेशन द्वारा आप कई प्रकार की ट्रेडिंग और अपनी इच्छा के अनुसार स्कैन्स बना सकते हैं, जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया है। StockEdge club में हम लगातार कई प्रकार की ट्रेडिंग की युक्तियाँ, गुणवत्ता कॉम्बिनेशन स्कैन्स, और ई.एल.एम (E.L.M) लेवल मैट्रिक्स और बहुत सारी जानकारी आपको देते है । यह जानकारी सिर्फ शेयर के क्षैत्र में आपको फायदा ही नहीं करायेगी बल्कि शेयर बाजार को समझने में आपकी मदद भी करेगी।

नीचे हम ई.एल.एम (E.L.M) लेवल मैट्रिक्स का एक नमूना पेश कर रहे हैं, आप उस पर एक नजर डाल सकते हैं :-

ELM Matrix

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Author Bio

Sakshi Agarwal is Research Analyst at Elearnmarkets.com and StockEdge. She has done Certification in Research, Trading Advisory course from Kredent Academy, India.

 

कौन से पेंशन प्लॉन लेना चाहिये।

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

पेंशन बहुत सी बातों पर निर्भर करती है, जैसे कि किस उम्र में आप सेवानिवृत्त होना चाहते हैं। सरकारी नौकरी में 58 या 60 या 62 की उम्र में सेवानिवृत्त होते हैं। आपकी अभी की जीवनशैली कैसी है, आपके अभी के मासिक खर्च कितने हैं, आप सेवानिवृत्त के बाद क्या करना चाहते हैं। अपनी जरूरतों को आज के अनुसार देखें और उसके बाद अपने भविष्य की जरूरतों के लिये मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए अपनी जरूरतों के अनुसार प्लॉन बनायें। ऐसी बहुत सी वेबसाईट हैं जहाँ आप अपनी जरूरत अनुसार धन पर मुद्रास्फीति के प्रभाव के लिये गणना कर सकते हैं। Continue reading…