बिटक्वाईन के बारे में जानें बुनियादी बातें Basic Information of Bitcoin Cryptocurrency

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बिटक्वाईन के बारे में जानें बुनियादी बातें

Basic Information of Bitcoin Cryptocurrency

यह देखकर बहुत डर लगता है जब हमारे दोस्त और परिचित जो कि म्यूचुअल फंड (Mutual fund) में निवेश करने से तो डरते हैं, कम से कम 10 बार सोचते हैं, परंतु बिटक्वाईन (Bitcoin) में निवेश करने का निर्णय एक सेकंड में ले लेते हैं। अधिकतर लोग जो कि बिटक्वाईन (Bitcoin) में निवेश कर रहे हैं वे दरअसल क्रिप्टोकरंसी (Cryptocurrency) के बारे में कुछ जानते ही नहीं हैं, और न ही इसकी बारीकियों को समझते हैं। बिटक्वाईन के बारे में न जानते हुए भी, बिटक्वाईन में निवेश करने का निर्णय लेने के पीछे मुख्य कारक है उसके भाव बहुत तेजी से बढ़ना, लगभग हर सप्ताह ही बिटक्वाईन के भाव अपनी नई ऊँचाईयों पर पहुँच रहे हैं, हाल ही में 10,000 डॉलर से ज्यादा का एक बिटक्वाईन हो चुका है। जैसा कि हम जानते हैं कि बिटक्वाईन बनाने में एन्क्रिपशन तकनीक (Encryption Technology) का उपयोग किया जाता है। अगर आप बिटक्वाईन के बारे में प्रचलित शब्दों के बारे में जानना चाहते हैं, तो हम यहाँ अब बिटक्वाईन के तकनीकी शब्दों और बिटक्वाईन की तकनीक में क्या होता है, इसके बारे में बात करेंगे। जिससे कि आपको बिटक्वाईन के बारे बुनियादी जानकारी मिल जायेगी। Continue reading…

 

ज्यादा कमाई नहीं है तो बचत कैसे करें, आपको तो निवेश भी करना है

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ज्यादा कमाई नहीं है तो बचत कैसे करें, आपको तो निवेश भी करना है।

Not enough income, how to start savings, need to start Investments for the future.

बचत और निवेश तभी शुरु नहीं करना चाहिये जबकि आपने अपने जीवन के लंबी अवधि के लक्ष्य निर्धारित कर लिये हों जैसे कि घर खरीदना, बच्चों की पढ़ाई इत्यादि। आप अपने लिये छोटे और छोटी से मध्यम अवधि के लक्ष्य भी पाने के लिये शुरुआत कर सकते हैं, और आपको अपने जीवन में यह अपनी आदत में शुमार करना होगा।

आजकल की भागदौड़ की दुनिया में हम लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति बेहद लापरवाह हैं, हम हमेशा ही सोचते हैं कि हम अच्छे स्वास्थ्य के लिये अब घूमना और दौड़ना शुरु करेंगे, और उसके लिये हम नये जूते, कपड़े खरीद भी लाते हैं, जिससे हमें दौड़ने में आसानी रहे, अगले दिन से हम अलार्म लगाकर ऱख लेते हैं कि सुबह 5 बजे उठकर, तैयार होकर दौड़ना शुरु। सुबह जैसे ही अलार्म बजता है, वैसे ही हमारा मन हमसे कहता है कि क्यों शरीर को सुबह सुबह तकलीफ दे रहा है, और थोड़ी देर सो जाओ, थोड़ी देर बाद उठकर तैयार हो जायेंगे, और समय की गणना हमारा मन इस प्रकार करता है कि सब कुछ ऑफिस जाने के पहले हो जायेगा और वह आपको संतुष्ट भी कर देता है, परंतु ऐसा होता कहाँ है। फिर सोचते हैं कि चलो आज छोड़ो, कल से देखेंगे, इस प्रकार हम आलस की दुनिया में जीते रहते हैं।

ऐसा ही हमेशा हमारे वित्त प्रबंधन (Money Management) में भी होता है, बहुत सारे लोग अपने आपको वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में असहाय मानते हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं जिन्हें लगता है कि बचत और निवेश की शुरुआत करना बहुत मुश्किल है, समय निकालना बहुत मुश्किल है, तो आपको यहाँ हम बता रहे हैं कि कैसे शुरु करें।

काल करे सो आज कर, आज करे सो अब

यह कहावत बचत और निवेश शुरु करने के लिये बिल्कुल सही है, इसलिये कभी भी देरी न करें। वित्तीय प्रबंधन के लिये, बचत और निवेश के लिये आपको किसी एक दिन का इंतजार नहीं करना होता है, यह तो ऐसा है कि जब जागो तब सवेरा। हरेक दिन बचत और निवेश के लिये अच्छा है। आप यह भी कह सकते हैं कि मेरे बचत खाते में कम से कम इतना पैसा तो होना ही चाहिये या फिर मैं अपनी सैलेरी का इंतजार कर रहा हूँ या फिर नये निवेश के लिये वक्त ठीक नहीं है क्योंकि अभी बाजार काफी बढ़ चुका है इत्यादि।

अगर आप खुद ही देखेंगे तो पायेंगे कि खुद के वित्त प्रबंधन को शुरु करने के लिये आपके पास भागने के एक से एक नायाब तरीके या बहाने मौजूद हैं। परंतु केवल वित्तीय प्रबंधन ही एकमात्र ऐसा कारण है जो कि आपके सारे दसों बहानों पर भारी पड़ता है। अगर आप अभी से बचत और निवेश शुरु करते हैं तो आपके पास अपनी सेवानिवृत्ति के लिये, घर खरीदने के लिये, अच्छी पढ़ाई के लिये, दुनिया घूमने के लिये या खुद का व्यापार करने के लिये अच्छी खासी रकम होगी। हमेशा लंबी अवधि के लक्ष्य देखें और कोशिश करें कि आप उनके लिये अभी से थोड़ी थोड़ी बचत शुरू करें और जैसे जैसे आपकी आय बढ़ती जाये, अपने बचत और निवेश भी बढ़ाते जायें। आप अपने पास उपलब्ध रकम को देखें और सोचें कि इस रकम को कहाँ निवेश किया जा सकता है। अगर आपके बचत खाते में रकम नहीं है तो सोचें और पता लगायें कि आपके बचत खाते में धन क्यों नहीं है, आपने कहाँ कहाँ खर्च किया है, और क्या वे सारे खर्चे बहुत ही ज्यादा आवश्यक थे? क्या आपके खर्च मासिक आमदनी से ज्यादा हैं? अपनी इस समस्या का समाधान आपको अभी के अभी ढ़ूँढ़ना होगा।

सबसे पहले बचत करना शुरु करें

अपने वित्त को सबसे पहले ठीक रास्ते पर लाने के लिये बचत की शुरुआत करें। जब तक आपके पास रकम ही नहीं होगी, आप निवेश कैसे करेंगे? अब सवाल यह है कि बचत कैसे करें? अगर आप सैलेरी पाते हैं तो आपको पता है कि आपकी आय कितनी है।

 

आपके कितनी बचत करनी चाहिये? इसका सही उत्तर देना वाकई बहुत कठिन है, परंतु फिर भी कम से कम आपको अपनी मासिक आय का 10% बचाना चाहिये, भले ही आप अपने कैरियर की शुरुआत कर रहे हों, मतलब कि अपनी कमाई के पहले महीन से ही बचत की शुरुआत करनी चाहिये। जितनी ज्यादा बचत करेंगे उतना ज्यादा अच्छा है, अगर आपकी आय अपने खर्चों से ज्यादा है। अगर आप अपनी मासिक आय में से कुछ भी नहीं बचा पा रहे हैं तो आपको अपने खर्चों को ध्यान से देखना चाहिये, और सोचना चाहिये कि क्या आप अपने खर्चों को कम कर सकते हैं, जिससे आप थोड़ी बहुत बचत तो कर ही सकें। बचत करने का सबसे आसान तरीका है कि जैसे ही आपकी मासिक आय आये आप अपनी आय का 10% हिस्सा उसी समय अपने किसी और खाते में जमा कर दें, जो कि बचत के लिये उपयोग करेंगे, आप यह मान लीजिये कि आपको 10% कम मासिक आय होना शुरू हो गई है। 10% पहले देखने में छोटी रकम लगेगी, परंतु आप एक वर्ष बाद देखेंगे तो पायेंगे कि आपने अपनी एक महीने की सैलेरी से ज्यादा की बचत कर ली है।

यह एक बेहद बुनियादी नियम है अपनी बचत करने के लिये, फिर निवेश करना शुरु करें। अपनी छोटी अवधि के लक्ष्यों के लिये बचत करना शुरू करें जैसे कि मोबाईल, लेपटॉप या कार खरीदनी हो, तो सबसे पहले इसके लिये आप एक निश्चित रकम जमा करें, इस प्रकार से आपको समझ आने लगेगा कि कैसे आप नियमित बचत कर अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं।

जो बचत की है उसका निवेश करना शुरु करें।

एक बार आपको बचत करने की आदत हो जाये तो अगला कदम है निवेश की शुरुआत करना। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिनको बचत करना आसान लगता है, परंतु निवेश करना बहुत मुश्किल लगता है। अगर आप अपने वित्तीय जीवन में इस दौर से गुजर रहे हैं तो एकदम बिल्कुल अभी से ही निवेशक के उत्पादों को देखें, सीखें और निवेश करें।

अगर आप पहली बार निवेश कर रहे हैं और सोचते हैं कि आपके लिये बैंक में जमा रकम का प्रबंधन ज्यादा ठीक है तो फिर बैंक में फिक्सड डिपॉजिट या आवर्ती जमा खाता (RD) खोलिये। आजकल तो लगभग सारे बैंक नेटबैंकिंग से FD बनाने की सुविधा दे रहे हैं, जिसमें कि आप अपने बचत खाते से सीधे FD या RD खोल सकते हैं। इस तरह की जमा से आपकी शुरुआत तो होगी ही साथ ही आपको यह सरल भी रहेगा। अगर आप पहली बार निवेश कर रहे हैं और आप म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं तो आप पहले उसके बारे में जानकारी पा लीजिये। म्यूचुअल फंड में निवेश के दो पहलू होते हैं, निवेश की प्रक्रिया और निवेश। आजकल निवेश की प्रक्रिया आधार कार्ड से केवायसी KYC होने से बहुत ही सरल हो गई है, अगर आपको ऑनलाईन खरीददारी करने में 2 मिनिट लगते हैं तो ऑनलाईन निवेश करने में केवल 5 मिनिट ही लगेंगे।

जब आप निवेश की शुरुआत करते हैं तो आप निवेश के बारे में सीख रहे होते हैं, तो आप अपने निवेश को सरल ही रखें। अगर आप शुरु में 2000 रू ही बचा पा रहे हैं तो, 50% रकम आप SIP (Systematic Investment Plan) के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश करें, एक बार आपको SIP MF पर विश्वास हो जाये और उसकी प्रक्रिया पूर्ण तरह से समझ आ जाये तब आप अपना निवेश म्यूचुअल फंड में और बढ़ा सकता है। शुरू करने के लिये आप बैलेन्सड हायब्रिड फंड में निवेश कर सकते हैं। कारण कि इससे आपको अपनी निवेश की जरूरत पता चल जायेगी और साथ ही इस शुरुआत को आप सीखने के तौर पर लें न कि निवेश को तौर पर लें।

अपने लक्ष्य बनाना शुरू करें –

यह तो सबको समझ में आता है कि जब आप अपना कैरियर शुरू करते हैं तो पहली बार कमाई होती है और उसी में से बचत करके आप निवेश करने की शुरुआत करते हैं। तब आपको अपने लंबी अवधि के लक्ष्यों के बारे में ज्यादा कुछ न पता होता है और न ही आप उसके बारे में सोचते हैं जो कि सेवानिवृत्ति, घर खरीदना, बच्चों की शिक्षा इत्यादि हो सकते हैं। इस तरह की परिस्थितियों में आप अपनी बचत और निवेश को अपने पास के जमाधन को बढ़ाने में लगायें।

क्योंकि अभी आपके पास लक्ष्य नहीं हैं, परंतु आने वाले समय में आपको पास कुछ बड़े लक्ष्य हो सकते हैं, उन परिस्थितियों का सामना करने के लिये और उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये आप अपने अंदर बचत और निवेश के लिये अनुशासन ले आयें। इसके लिये आप अपने छोटे खर्चों के लिये बचत की शुरुआत से कर सकते हैं, जैसे कि मोबाईल खरीदना या फिर 6-8 महीने बाद छुट्टी पर जाना।

और इंतजार नहीं करें

आपके बैंक खाते में जो भी रकम है, आप उससे ही शुरुआत कर सकते हैं। बस बचत और निवेश की प्रक्रिया के दौरान अपने आपको इस मनोस्थिति में रखें कि आप किसी मॉल में हैं और आप अपने लिये कपड़े और जूते खरीद रहे हैं तो कौन सा कपड़ा आपके ऊपर जमेगा, उसी प्रकार से कौन सा निवेश आपके लिये लंबी अवधि में बहुत अच्छा लाभ देगा।

 

टॉप 10 मल्टीबैगर आईडिया 2018 के लिये TOP 10 Multibagger Stock ideas for 2018

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TOP 10 Multibagger Stock ideas for 2018

सबको मल्टीबैगर स्टॉक चाहिये। बस किसी को पढ़ना नहीं है कि 2018 के मल्टीबैगर स्टॉक कौन से हो सकते हैं, तो सोचा इस पर भी जानकारी साझा करनी चाहिये। Continue reading…

 

क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाला व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा केवल पहले वर्ष मुफ्त होता है

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क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाला व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा

लगभग सारी क्रेडिट कार्ड कंपनियाँ व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा देती हैं, जो कि क्रेडिट कार्ड कंपनियों की तरफ से पहले वर्ष मुफ्त होता है, याने कि 10 लाख रूपये का बीमा एक साल के लिये, जब तक कि क्रेडिट कार्ड का रिनिवल नहीं होता है।

व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से हुई मृत्यु बीमित होती है, याने कि अगर क्रेडिट कार्ड होल्डर अगर ट्रेन के सही टिकट के साथ यात्रा कर रहा है और ट्रेन दुर्घटना में अगर बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को बीमा कंपनी 10 लाख रुपये देंगी।

अधिकतर क्रेडिट कार्ड कंपनियाँ यह फीचर केवल कार्ड के जारी करते वक्त ही देती हैं, याने कि प्रथम वर्ष यह मुफ्त होता है, रिनिवल के बाद भी अगर आपको दुर्घटना बीमा जारी रखना है तो उसकी अलग से प्रीमियम रिनिवल के साथ ही भरना होगी।

 

कठिन वित्तीय निर्णय कैसे लें?

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हम सभी अपने वित्त याने पैसे के बारे में खुद ही निर्णय लेते हैं, जो कि हमारे भविष्य के लिये बेहद ही जरूरी और महत्वपूर्ण होते हैं। इतने सारे लोगों से बात करने का बाद यह समझ आता है कि बहुत से लोग तो अपने वित्त संबंधी निर्णय लेने के लिये तैयार ही नहीं हैं। इस वित्तीय दुनिया में बहुत से खिलाड़ी हैं जो अपने उत्पाद और सर्विसेस के साथ बाजार में खड़े हैं, और आम निवेशक या आम जनता इन उत्पादों के बारे में, उनके बीच क्या अंतर हैं, इन सबके बारे में कुछ जानती ही नहीं है। Continue reading…

 

शेयर बाजार से प्रतिवर्ष 12 से 24% तक कैसे कमायें? How to earn 12 to 24% per annum from Share Market?

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शेयर बाजार से प्रतिवर्ष 12 से 24% तक कैसे कमायें? How to earn 12 to 24% per annum from Share Market?

कई लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या शेयर बाजार से 12 से 24% तक वार्षिक कमाया जा सकता है, तो मुझे बहुत हैरानी होती है, क्योंकि ऐसे सवाल वो ही लोग पूछते हैं जो शेयर बाजार के बारे में कुछ नहीं जानते हैं। मैं खुद ऐसे कई लोगों को जानता हूँ जो कि हर महीने लगभग 10% की कमाई शेयर बाजार से आसानी से कर लेते हैं, हाँ बस आपको शेयर बाजार के बारे में बहुत पढ़ना पढ़ेगा, जानकारी लेनी होगी। हर व्यक्ति पैसा ज्यादा से ज्यादा बनाना चाहता है, परंतु जोखिम कोई नहीं लेना चाहता है। सोचता है कि बिना जोखिम के हर वर्ष 12 से 24% बन जाये। Continue reading…

 

सरकारी डेब्ट प्रतिभूतियाँ Debt Securities जोखिम Risk इक्विटी Equity क्या हैं?

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भारत की वित्तीय एवं निवेश उद्योग को समझें – सरकारी डेब्ट प्रतिभूतियाँ Debt Securities जोखिम Risk इक्विटी Equity क्या हैं? पहला भाग पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।

डेब्ट प्रतिभूतियाँ (Debt Securities) –

डेब्ट बाजार घरेलू और संस्थाओं दोनों के लिये है, जिनके पास ज्यादा रकम उपलब्ध है और जिनको रकम की जरूरत है। सर्टिफिकेट ऑफ पेपर (Certificate of Paper) जो कि डेब्ट प्रतिभूति कहलाती है, यह उधारी देने वाला उधारी लेने वाले को सीधे ही इश्यू करता है। Continue reading…

 

भारत की वित्तीय एवं निवेश उद्योग को समझें – मुद्रा, वित्तीय परिसंपत्तियाँ, प्रतिभूतियाँ Indian Financial and Investment Industry Money

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Basic Concept – वित्तीय तंत्र बाजार और संस्थाओं का जाल होता है, जो कि अर्थव्यवस्था में धन को सभी विभागों तक पहुँचाते हैं। विभिन्न विभागों में धन संचार कई तरीकों से होता है जैसे मुद्रा (Money), वित्तीय पूँजी, प्रतिभूतियाँ (डेब्ट, इक्विटी)। सबसे पहले हम इन बुनियादी बातों को समझते हैं, जो कि हमें इस वित्तीय तंत्र को समझने में मदद करेगा। Continue reading…

 

5 वर्ष के पहले पीएफ निकालने पर टैक्स लगेगा क्या? Withdraw PF in 5 Years, What about Income Tax?

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5 वर्ष के पहले पीएफ निकालने पर टैक्स लगेगा क्या? Withdraw PF in 5 Years, What about Income Tax?

अगर 5 वर्ष या उससे कम समय तक आपका पीएफ जमा हुआ है, और आप पीएफ के पैसे को निकालने जा रहे हैं तो आपको उसके ऊपर टैक्स देना होगा। पीएफ को समझने के लिये पहले पीएफ में किये गये योगदान के बारे में समझ लें। पीएफ में 4 तरह के अंश होते हैं, आपका अंशदान, आपके अंशदान पर मिला ब्याज, कंपनी का अंशदान और वैसे ही कंपनी के अंशदान पर मिला ब्याज। कर्मचारी के नजरिये से देखें तो आपका पूरा हक है इन चारों अंशदानों पर, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप अपनी नौकरी से कब निकल रहे हैं, मतलब कि कौन से वर्ष में निकल रहे हैं। Continue reading…

 

उम्र के साथ निवेश के तरीके भी बदलिये Change Investment Types with your Age

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आपकी उम्र के साथ ही आपके निवेश करने के तरीके भी बदलने चाहिये।

Change Investment Types with your Age

बदलाव ही जीवन है, क्योंकि आपकी उम्र, आपका निवेश, आपकी कमाई सब कुछ बदलता है।

20 वर्ष में –

निवेश – इक्विटी म्यूचुअल फंड्स एवं टैक्स सेविंग इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम(ELSS), सस्ते जीवन बीमा (Life Insurance) और स्वास्थ्य बीमा प्लॉन (Mediclaim) खरीदें।

क्यों – बहुत कम जिम्मेदारियाँ और देनदारियाँ, कम उम्र होने के कारण बीमाओं की प्रीमियम भी काफी कम होगी।

30 वर्ष में –

निवेश – इक्विटी स्कीम और साथ ही थोड़े से डेब्ट फंड में निवेश, टैक्स ELSS के साथ बचायें।

क्यों – आप अपने लिये और अपने परिवार के लिये लंबी अवधि के लिये सोचें, डेब्ट निवेश कम जोखिम का होता है।

40 वर्ष में –

निवेश – इक्विटी म्यूचुअल फंड, बैलेन्सड फंड, टैक्स ELSS एवं रिटायरमेंट प्लॉन।

क्यों – परिवार की बहुत सारी जिम्मेदारियाँ आपके कंधे पर होती हैं।

50 वर्ष में –

निवेश – सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लॉन के द्वारा इक्विटी से डेब्ट फंड में निवेश ले जाना।

क्यों – सेवानिवृत्ति होने के करीब होने से डेब्ट फंड में निवेश ले जाना चाहिये, जहाँ बहुत ज्यादा जोखिम नहीं होता है।

60 वर्ष में –

निवेश – सिस्टमेटिक विद्ड्रॉल प्लॉन आपके निवेशों से। Monthly Income Plans (MIP) and Senior Citizen Saving Schemes.

क्यों – आपको कम जोखिम वाले प्लॉन में निवेश करना चाहिये, जिसमें नियमित आय होती रहे।

https://www.youtube.com/watch?v=ov3C6l2iM78