कौन से पेंशन प्लॉन लेना चाहिये।

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पेंशन बहुत सी बातों पर निर्भर करती है, जैसे कि किस उम्र में आप सेवानिवृत्त होना चाहते हैं। सरकारी नौकरी में 58 या 60 या 62 की उम्र में सेवानिवृत्त होते हैं। आपकी अभी की जीवनशैली कैसी है, आपके अभी के मासिक खर्च कितने हैं, आप सेवानिवृत्त के बाद क्या करना चाहते हैं। अपनी जरूरतों को आज के अनुसार देखें और उसके बाद अपने भविष्य की जरूरतों के लिये मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए अपनी जरूरतों के अनुसार प्लॉन बनायें। ऐसी बहुत सी वेबसाईट हैं जहाँ आप अपनी जरूरत अनुसार धन पर मुद्रास्फीति के प्रभाव के लिये गणना कर सकते हैं। Continue reading…

 

स्वास्थ्य बीमा और क्रिटिकल बीमा पॉलिसी (Critical insurance policy)

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स्वास्थ्य बीमा (Mediclaim Insurance) जो कि आप अपनी किसी भी भविष्य में होने वाली बीमारी का दशा में अस्पताल में भर्ती होना पड़े, उसके लिये लेते हैं, वैसे ही क्रिटिकल बीमा प्लॉन (Critical insurance policy) भी स्वास्थ्य बीमा में लोकप्रिय है। क्रिटिकल बीमा प्लॉन केवल एक साधारण सा स्वास्थ्य बीमा होता है, तो आपको यह सुनिश्चित कर लेना चाहिये कि आप केवल क्रिटिकल बीमा प्लॉन लेकर ही निश्चिंत न हो जायें, आपके पास एक अलग स्वास्थ्य बीमा प्लॉन भी होना चाहिये। Continue reading…

 

RBI ने क्रिप्टोकरंसी कारोबारियों का धंधा किया चौपट Cryptocurrencies Banned by RBI

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क्रिप्टोकरंसी पर आखिरकार भारतीय रिजर्व बैंक ने लगाम कस ही दी है। भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि जो भी वित्तीय संस्था भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निगमित होती है वह संस्था किसी भी तरह के क्रिप्टोकरंसी ट्रांजेक्शन नहीं कर सकती है। इसका मतलब सीधा यह हुआ कि भारतीय रिजर्व बैंक ने क्रिप्टोकरंसी को रोका नहीं है, वरन अपनी संस्थाओं पर क्रिप्टोकरंसी के बदले में हो रहे लेन देन पर रोक लगा दी है। कोई भी बैंक या कोई और वित्तीय संस्था अब क्रिप्टोकरंसी के बदले बेची हुई रकम को अपने यहाँ नहीं जमा करने देगा, या फिर अगर किसी को क्रिप्टोकरंसी खरीदनी है तो भी बैंक में रखी रकम से उसे नहीं खरीदा जा सकेगा।

बिटक्वाईन के बारे में बुनियादी जानकारी (जरूर पढ़ें)

सनद रहे कि भारतीय रिजर्व बैंक हमेशा ही भारतीय नागरिकों को नुकसान न हो, इसके लिये हमेशा ही तत्पर रहता है और इसी के चलते भारतीय रिजर्व बैंक ने 6 अप्रैल 2018 को अपने नोटिफिकेशन RBI/2017-18/154 में सभी कमर्शियल, सहकारी बैंकों, पैमेन्ट बैंकों, स्मॉल फाईनेंस बैंक, गैर वित्तीय बैंकिंग संस्थाएँ और पैमेन्ट सर्विस प्रोवाईडर्स को साफ साफ कहा है कि 24 दिसंबर 2013, 1 फरवरी 2017 और 5 दिसंबर 2017 के नोटिस में वर्चुअल करंसी के बारे में यूजर्स, ट्रेडर्स और करंसी होल्डर्स को चेताया जा चुका था। बिटक्वाईन के साथ ही अन्य वर्चुअल करंसी में बहुत जोखिम है और भारतीय रिजर्व बैंक भारत के लोगों के हितों की रक्षा करने के लिये प्रतिबद्ध है।

वर्चुअल करंसी में बढ़ते जोखिम के कारण भारतीय रिजर्व बैंक ने निर्णय लिया है कि तत्काल प्रभाव से, जो भी संस्थाएँ भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नियंत्रित की जाती हैं, वे वर्चुअल करंसी में डील नहीं करेंगी या फिर किसी भी व्यक्ति या संस्था जो कि वर्चुअल करंसी से संबंधित काम करते हैं या सुविधा उपलब्ध करवाते हैं, जो कि खाता मैनेज करते हैं, रजिस्टर करते हैं, ट्रैडिंग करते हैं, सैटल करते हैं, क्लियरिंग का काम करते हैं या वर्चुअल करंसी के विरूद्ध ऋण देते हैं, वर्चुअल करंसी को कोलेटरल के रूप में लेते हैं, उन एक्सचेंज में खाते खोलते हैं जिसमें वर्चुअल करंसी के डील होते हैं, वर्चुअल करंसी को खरीदने या उनको बेचने या ट्राँसफर या रकम जमा करते हों।

वे सारी वित्तीय संस्थाएँ जो कि भारतीय रिजर्व बैंक से नियंत्रित होती हैं और वे इन सब सुविधाओं का लाभ देती हैं वे इस नोटिफिकेशन की दिनांक से 3 महीने के अंदर उक्त सारी सुविधाएँ देना बंद कर दें।

इस नोटिफिकेशन का सीधा मतलब यह है कि अब भारतीय बैंकों से आप भारतीय मुद्रा से सीधे न ही वर्चुअल करंसी खरीद सकते हैं न बेच सकते हैं। अब अगर किसी को वर्चुअल करंसी में डील करना हो तो उन्हें किसी विदेशी बैंक में खाता खोलना होगा और फिर उसे रकम को जो कि डॉलर या यूरो में होगी, उसे भारतीय मुद्रा में लाना होगा। जब वह रकम भारतीय मुद्रा में आयेगी तो भारतीय रिजर्व बैंक को हर ट्रांजेक्शन के बारे में कारण के साथ अपने आप पता चल जायेगा।

कुल मिलाकर भारत में वर्चुअल करंसी को खरीदना, बेचना अब बहुत मुश्किल हो चुका है, क्योंकि उससे संबंधित बैंकिंग की सारी सुविधाओं पर भारतीय रिजर्व बैंक ने रोक लगा दी है।

बहुत से लोगों द्वारा पिछले 2 वर्षों में करंसी माईनिंग की मशीने लगाई गई हैं, वे माइनिंग तो कर पायेंगे परंतु बेचना अब उनके लिये बहुत मुश्किल होगा, हाँ वे अपनी माईनिंग से कमाई हुई करंसी से किसी ऑनलाईन वेबसाईट जो कि वर्चुअल करंसी से खरीददारी करने देती हो, वहाँ से खरीददारी कर सकते हैं। वैसे भी हम भारतीय लोग हर किसी नियम की धज्जियाँ उड़ाने में माहिर होते हैं और जल्दी ही इससे संबंधित कोई न कोई तोड़ निकाल ही लिया जायेगा।

 

शेयर बाजार और जुआँ खेलना क्या एक जैसा है?

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मैंने लोगों को यह बहुत कहते सुना है कि शेयर बाजार में निवेश करना कैसिनों में जुआँ खेलने जैसा ही है। लोगों को लगता है कि दोनों में ही अनिश्चितता रहती है और परिस्थितियों का पता नहीं रहता है। कहते हैं कि “कभी भी पता नहीं रहता कि कब क्या हो जाये?”। जबकि वास्तविकता में जोखिम और अनिश्चितता दोनों ही अलग अलग बात हैं। वैसे ही निवेश और जुआँ, और इसके लिये हमें अंतर पता होना महत्वपूर्ण है। Continue reading…

 

जमाकर्ता की मृत्यु की दशा में समयपूर्व सावधि जमा FD से पैसा निकाला जा सकता है या नहीं? Claims in respect of deceased depositors

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जमाकर्ता की मृत्यु की दशा में समयपूर्व सावधि जमा (Claims in FD) से पैसा निकाला जा सकता है या नहीं?

Claims in respect of deceased depositors

हमारे एक मित्र ने बताया कि एक सहकारी बैंक में उनके पिताजी ने पिछले वर्ष ही 5 वर्ष के लिये  सावधि जमा (FD) नवीनीकरण करवाई थी, और वे उस सावधि जमा FD में नामांकित थे, वे बैंक पहुँचे कि हमें वह सावधि जमा FD समयपूर्ण आहरण याने कि premature withdraw करनी है, तो बैंक ने उनसे कहा कि आप अपनी सावधि जमा समयपूर्ण नहीं तुड़वा सकते हैं, आपको सावधि जमा की परिपक्वता तक इंतजार करना होगा।

हमने कहा कि देखिये परिपक्वता तक इंतजार केवल तभी करना होता है जबकि मृत्यु पूर्व किसी वसीयत में ऐसा लिखा गया हो कि इस सावधि जमा का भुगतान नामांकित व्यक्ति के अलावा किसी और को करना है, अगर नहीं लिखा गया है तो सावधि जमा का समयपूर्व आहरण किया जा सकता है। आपको बैंक में मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ खाता बंद करने का एक पत्र और नॉमिनी का ID प्रूफ, Address Proof देना होता है।

इस तरह के केस में बैंक प्रिमेच्योर पेनल्टी भी नहीं काट सकते हैं, यह RBI का साफ निर्देश है, साथ ही RBI ने बैंकों को अपने खाता खोलने के फॉर्म पर भी लिखने को कहा है कि अगर खाताधारक की मृत्यु हो जाती है तो उस दशा में समयपूर्व खाता याने कि सावधि जमा बंद किया जा सकता है।

 

RBI के सर्कुलर की लिंक –

https://rbi.org.in/scripts/NotificationUser.aspx?Id=7510&Mode=0

https://www.rbi.org.in/scripts/NotificationUser.aspx?Id=2284&Mode=0

 

 

बिटक्वाईन के बारे में जानें बुनियादी बातें Basic Information of Bitcoin Cryptocurrency

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बिटक्वाईन के बारे में जानें बुनियादी बातें

Basic Information of Bitcoin Cryptocurrency

यह देखकर बहुत डर लगता है जब हमारे दोस्त और परिचित जो कि म्यूचुअल फंड (Mutual fund) में निवेश करने से तो डरते हैं, कम से कम 10 बार सोचते हैं, परंतु बिटक्वाईन (Bitcoin) में निवेश करने का निर्णय एक सेकंड में ले लेते हैं। अधिकतर लोग जो कि बिटक्वाईन (Bitcoin) में निवेश कर रहे हैं वे दरअसल क्रिप्टोकरंसी (Cryptocurrency) के बारे में कुछ जानते ही नहीं हैं, और न ही इसकी बारीकियों को समझते हैं। बिटक्वाईन के बारे में न जानते हुए भी, बिटक्वाईन में निवेश करने का निर्णय लेने के पीछे मुख्य कारक है उसके भाव बहुत तेजी से बढ़ना, लगभग हर सप्ताह ही बिटक्वाईन के भाव अपनी नई ऊँचाईयों पर पहुँच रहे हैं, हाल ही में 10,000 डॉलर से ज्यादा का एक बिटक्वाईन हो चुका है। जैसा कि हम जानते हैं कि बिटक्वाईन बनाने में एन्क्रिपशन तकनीक (Encryption Technology) का उपयोग किया जाता है। अगर आप बिटक्वाईन के बारे में प्रचलित शब्दों के बारे में जानना चाहते हैं, तो हम यहाँ अब बिटक्वाईन के तकनीकी शब्दों और बिटक्वाईन की तकनीक में क्या होता है, इसके बारे में बात करेंगे। जिससे कि आपको बिटक्वाईन के बारे बुनियादी जानकारी मिल जायेगी। Continue reading…

 

ज्यादा कमाई नहीं है तो बचत कैसे करें, आपको तो निवेश भी करना है

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ज्यादा कमाई नहीं है तो बचत कैसे करें, आपको तो निवेश भी करना है।

Not enough income, how to start savings, need to start Investments for the future.

बचत और निवेश तभी शुरु नहीं करना चाहिये जबकि आपने अपने जीवन के लंबी अवधि के लक्ष्य निर्धारित कर लिये हों जैसे कि घर खरीदना, बच्चों की पढ़ाई इत्यादि। आप अपने लिये छोटे और छोटी से मध्यम अवधि के लक्ष्य भी पाने के लिये शुरुआत कर सकते हैं, और आपको अपने जीवन में यह अपनी आदत में शुमार करना होगा।

आजकल की भागदौड़ की दुनिया में हम लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति बेहद लापरवाह हैं, हम हमेशा ही सोचते हैं कि हम अच्छे स्वास्थ्य के लिये अब घूमना और दौड़ना शुरु करेंगे, और उसके लिये हम नये जूते, कपड़े खरीद भी लाते हैं, जिससे हमें दौड़ने में आसानी रहे, अगले दिन से हम अलार्म लगाकर ऱख लेते हैं कि सुबह 5 बजे उठकर, तैयार होकर दौड़ना शुरु। सुबह जैसे ही अलार्म बजता है, वैसे ही हमारा मन हमसे कहता है कि क्यों शरीर को सुबह सुबह तकलीफ दे रहा है, और थोड़ी देर सो जाओ, थोड़ी देर बाद उठकर तैयार हो जायेंगे, और समय की गणना हमारा मन इस प्रकार करता है कि सब कुछ ऑफिस जाने के पहले हो जायेगा और वह आपको संतुष्ट भी कर देता है, परंतु ऐसा होता कहाँ है। फिर सोचते हैं कि चलो आज छोड़ो, कल से देखेंगे, इस प्रकार हम आलस की दुनिया में जीते रहते हैं।

ऐसा ही हमेशा हमारे वित्त प्रबंधन (Money Management) में भी होता है, बहुत सारे लोग अपने आपको वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में असहाय मानते हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं जिन्हें लगता है कि बचत और निवेश की शुरुआत करना बहुत मुश्किल है, समय निकालना बहुत मुश्किल है, तो आपको यहाँ हम बता रहे हैं कि कैसे शुरु करें।

काल करे सो आज कर, आज करे सो अब

यह कहावत बचत और निवेश शुरु करने के लिये बिल्कुल सही है, इसलिये कभी भी देरी न करें। वित्तीय प्रबंधन के लिये, बचत और निवेश के लिये आपको किसी एक दिन का इंतजार नहीं करना होता है, यह तो ऐसा है कि जब जागो तब सवेरा। हरेक दिन बचत और निवेश के लिये अच्छा है। आप यह भी कह सकते हैं कि मेरे बचत खाते में कम से कम इतना पैसा तो होना ही चाहिये या फिर मैं अपनी सैलेरी का इंतजार कर रहा हूँ या फिर नये निवेश के लिये वक्त ठीक नहीं है क्योंकि अभी बाजार काफी बढ़ चुका है इत्यादि।

अगर आप खुद ही देखेंगे तो पायेंगे कि खुद के वित्त प्रबंधन को शुरु करने के लिये आपके पास भागने के एक से एक नायाब तरीके या बहाने मौजूद हैं। परंतु केवल वित्तीय प्रबंधन ही एकमात्र ऐसा कारण है जो कि आपके सारे दसों बहानों पर भारी पड़ता है। अगर आप अभी से बचत और निवेश शुरु करते हैं तो आपके पास अपनी सेवानिवृत्ति के लिये, घर खरीदने के लिये, अच्छी पढ़ाई के लिये, दुनिया घूमने के लिये या खुद का व्यापार करने के लिये अच्छी खासी रकम होगी। हमेशा लंबी अवधि के लक्ष्य देखें और कोशिश करें कि आप उनके लिये अभी से थोड़ी थोड़ी बचत शुरू करें और जैसे जैसे आपकी आय बढ़ती जाये, अपने बचत और निवेश भी बढ़ाते जायें। आप अपने पास उपलब्ध रकम को देखें और सोचें कि इस रकम को कहाँ निवेश किया जा सकता है। अगर आपके बचत खाते में रकम नहीं है तो सोचें और पता लगायें कि आपके बचत खाते में धन क्यों नहीं है, आपने कहाँ कहाँ खर्च किया है, और क्या वे सारे खर्चे बहुत ही ज्यादा आवश्यक थे? क्या आपके खर्च मासिक आमदनी से ज्यादा हैं? अपनी इस समस्या का समाधान आपको अभी के अभी ढ़ूँढ़ना होगा।

सबसे पहले बचत करना शुरु करें

अपने वित्त को सबसे पहले ठीक रास्ते पर लाने के लिये बचत की शुरुआत करें। जब तक आपके पास रकम ही नहीं होगी, आप निवेश कैसे करेंगे? अब सवाल यह है कि बचत कैसे करें? अगर आप सैलेरी पाते हैं तो आपको पता है कि आपकी आय कितनी है।

 

आपके कितनी बचत करनी चाहिये? इसका सही उत्तर देना वाकई बहुत कठिन है, परंतु फिर भी कम से कम आपको अपनी मासिक आय का 10% बचाना चाहिये, भले ही आप अपने कैरियर की शुरुआत कर रहे हों, मतलब कि अपनी कमाई के पहले महीन से ही बचत की शुरुआत करनी चाहिये। जितनी ज्यादा बचत करेंगे उतना ज्यादा अच्छा है, अगर आपकी आय अपने खर्चों से ज्यादा है। अगर आप अपनी मासिक आय में से कुछ भी नहीं बचा पा रहे हैं तो आपको अपने खर्चों को ध्यान से देखना चाहिये, और सोचना चाहिये कि क्या आप अपने खर्चों को कम कर सकते हैं, जिससे आप थोड़ी बहुत बचत तो कर ही सकें। बचत करने का सबसे आसान तरीका है कि जैसे ही आपकी मासिक आय आये आप अपनी आय का 10% हिस्सा उसी समय अपने किसी और खाते में जमा कर दें, जो कि बचत के लिये उपयोग करेंगे, आप यह मान लीजिये कि आपको 10% कम मासिक आय होना शुरू हो गई है। 10% पहले देखने में छोटी रकम लगेगी, परंतु आप एक वर्ष बाद देखेंगे तो पायेंगे कि आपने अपनी एक महीने की सैलेरी से ज्यादा की बचत कर ली है।

यह एक बेहद बुनियादी नियम है अपनी बचत करने के लिये, फिर निवेश करना शुरु करें। अपनी छोटी अवधि के लक्ष्यों के लिये बचत करना शुरू करें जैसे कि मोबाईल, लेपटॉप या कार खरीदनी हो, तो सबसे पहले इसके लिये आप एक निश्चित रकम जमा करें, इस प्रकार से आपको समझ आने लगेगा कि कैसे आप नियमित बचत कर अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं।

जो बचत की है उसका निवेश करना शुरु करें।

एक बार आपको बचत करने की आदत हो जाये तो अगला कदम है निवेश की शुरुआत करना। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिनको बचत करना आसान लगता है, परंतु निवेश करना बहुत मुश्किल लगता है। अगर आप अपने वित्तीय जीवन में इस दौर से गुजर रहे हैं तो एकदम बिल्कुल अभी से ही निवेशक के उत्पादों को देखें, सीखें और निवेश करें।

अगर आप पहली बार निवेश कर रहे हैं और सोचते हैं कि आपके लिये बैंक में जमा रकम का प्रबंधन ज्यादा ठीक है तो फिर बैंक में फिक्सड डिपॉजिट या आवर्ती जमा खाता (RD) खोलिये। आजकल तो लगभग सारे बैंक नेटबैंकिंग से FD बनाने की सुविधा दे रहे हैं, जिसमें कि आप अपने बचत खाते से सीधे FD या RD खोल सकते हैं। इस तरह की जमा से आपकी शुरुआत तो होगी ही साथ ही आपको यह सरल भी रहेगा। अगर आप पहली बार निवेश कर रहे हैं और आप म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं तो आप पहले उसके बारे में जानकारी पा लीजिये। म्यूचुअल फंड में निवेश के दो पहलू होते हैं, निवेश की प्रक्रिया और निवेश। आजकल निवेश की प्रक्रिया आधार कार्ड से केवायसी KYC होने से बहुत ही सरल हो गई है, अगर आपको ऑनलाईन खरीददारी करने में 2 मिनिट लगते हैं तो ऑनलाईन निवेश करने में केवल 5 मिनिट ही लगेंगे।

जब आप निवेश की शुरुआत करते हैं तो आप निवेश के बारे में सीख रहे होते हैं, तो आप अपने निवेश को सरल ही रखें। अगर आप शुरु में 2000 रू ही बचा पा रहे हैं तो, 50% रकम आप SIP (Systematic Investment Plan) के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश करें, एक बार आपको SIP MF पर विश्वास हो जाये और उसकी प्रक्रिया पूर्ण तरह से समझ आ जाये तब आप अपना निवेश म्यूचुअल फंड में और बढ़ा सकता है। शुरू करने के लिये आप बैलेन्सड हायब्रिड फंड में निवेश कर सकते हैं। कारण कि इससे आपको अपनी निवेश की जरूरत पता चल जायेगी और साथ ही इस शुरुआत को आप सीखने के तौर पर लें न कि निवेश को तौर पर लें।

अपने लक्ष्य बनाना शुरू करें –

यह तो सबको समझ में आता है कि जब आप अपना कैरियर शुरू करते हैं तो पहली बार कमाई होती है और उसी में से बचत करके आप निवेश करने की शुरुआत करते हैं। तब आपको अपने लंबी अवधि के लक्ष्यों के बारे में ज्यादा कुछ न पता होता है और न ही आप उसके बारे में सोचते हैं जो कि सेवानिवृत्ति, घर खरीदना, बच्चों की शिक्षा इत्यादि हो सकते हैं। इस तरह की परिस्थितियों में आप अपनी बचत और निवेश को अपने पास के जमाधन को बढ़ाने में लगायें।

क्योंकि अभी आपके पास लक्ष्य नहीं हैं, परंतु आने वाले समय में आपको पास कुछ बड़े लक्ष्य हो सकते हैं, उन परिस्थितियों का सामना करने के लिये और उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये आप अपने अंदर बचत और निवेश के लिये अनुशासन ले आयें। इसके लिये आप अपने छोटे खर्चों के लिये बचत की शुरुआत से कर सकते हैं, जैसे कि मोबाईल खरीदना या फिर 6-8 महीने बाद छुट्टी पर जाना।

और इंतजार नहीं करें

आपके बैंक खाते में जो भी रकम है, आप उससे ही शुरुआत कर सकते हैं। बस बचत और निवेश की प्रक्रिया के दौरान अपने आपको इस मनोस्थिति में रखें कि आप किसी मॉल में हैं और आप अपने लिये कपड़े और जूते खरीद रहे हैं तो कौन सा कपड़ा आपके ऊपर जमेगा, उसी प्रकार से कौन सा निवेश आपके लिये लंबी अवधि में बहुत अच्छा लाभ देगा।

 

टॉप 10 मल्टीबैगर आईडिया 2018 के लिये TOP 10 Multibagger Stock ideas for 2018

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TOP 10 Multibagger Stock ideas for 2018

सबको मल्टीबैगर स्टॉक चाहिये। बस किसी को पढ़ना नहीं है कि 2018 के मल्टीबैगर स्टॉक कौन से हो सकते हैं, तो सोचा इस पर भी जानकारी साझा करनी चाहिये। Continue reading…

 

क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाला व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा केवल पहले वर्ष मुफ्त होता है

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क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाला व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा

लगभग सारी क्रेडिट कार्ड कंपनियाँ व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा देती हैं, जो कि क्रेडिट कार्ड कंपनियों की तरफ से पहले वर्ष मुफ्त होता है, याने कि 10 लाख रूपये का बीमा एक साल के लिये, जब तक कि क्रेडिट कार्ड का रिनिवल नहीं होता है।

व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से हुई मृत्यु बीमित होती है, याने कि अगर क्रेडिट कार्ड होल्डर अगर ट्रेन के सही टिकट के साथ यात्रा कर रहा है और ट्रेन दुर्घटना में अगर बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को बीमा कंपनी 10 लाख रुपये देंगी।

अधिकतर क्रेडिट कार्ड कंपनियाँ यह फीचर केवल कार्ड के जारी करते वक्त ही देती हैं, याने कि प्रथम वर्ष यह मुफ्त होता है, रिनिवल के बाद भी अगर आपको दुर्घटना बीमा जारी रखना है तो उसकी अलग से प्रीमियम रिनिवल के साथ ही भरना होगी।