NPS सेवानिवृत्ति को सुखी और सुरक्षित बनाये।

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NPS सेवानिवृत्ति को सुखी और सुरक्षित बनाये।

जैसे जैसे हम सेवानिवृत्ति की और बढ़ते जाते हैं, उसके साथ ही हम एक अच्छीखासी रकम बनाते जाते हैं, जिससे कि हम वृद्धावस्था को सुखी और सुरक्षित रख सकें। जब आप वृद्धावस्था में पहुँच जायेंगे तब आपके पास ऐसी वित्तीय सुरक्षा होनी चाहिये जिससे कि आप अपना बुढ़ापा अच्छे से काट सकें, क्योंकि तब आपकी नियमित आय आना बंद हो जायेगी, इसके लिये आपको बहुत सोच विचार करके चलना चाहिये। जिससे आप अपना बुढ़ापा स्वतंत्र रूप से अपनी शर्तों पर बिता सकें। जब हम जवान होते हैं तो हम अपने वर्तमान जीवन के लिये तो खर्चे निकालते ही हैं और साथ ही भविष्य के लिये पैसे जोड़ते हैं। अपने जोखिम लेने की क्षमता के अनुसार, हम विभिन्न उत्पादों में निवेश करते रहते हैं। हम कोशिश करते हैं कि हमें नियमित आमदनी होती रहे, जिससे हम वर्तमान के खर्चों को तो वहन कर ही पायें और भविष्य याने कि अपने बुढ़ापे को आराम से काटने के लिये भी अच्छा खासा पैसा बचा पायें। परंतु हमें यहाँ ध्यान रखना चाहिये कि आमदनी का वही हिस्सा हमारे पास रहने वाला है जो कि हमने जवानी के दिनों से अपने बुढ़ापे के लिये बचाया है। Continue reading…

 

दो पान की कीमत में 50 लाख का बीमा करवायें

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आपको लगता है कि बीमा बहुत महँगा होता है, या फिर ये फालतू की चीज है तो ये बताईये कि आप अगर रोज के दो पान खाते हैं या 2-4 सिगरेट पीते हैं या फिर 2-4 चाय पीते हैं, तो कम से कम रोज के 20 से 25 रूपये तो खर्च करते ही हैं। अगर ये शौक नहीं फरमाते तो कोई और शौक फरमाते होंगे जिसमें 20 से 25 रूपये तो रोज खर्च होता ही होंगे जैसे कि गुटखा, खैनी, शराब, भांग इत्यादि। तो आप भले ही ये सब चीजें बंद न करें, परंतु क्या आपको पता है कि रोज के इतने रूपये अगर आप साल भर खर्च करते हैं तो ये लगभग 7,500 रूपये होते हैं, और इतने में 50 लाख का बीमा आ जाता है। मुझे पता है कि कई लोगों का तो यह खर्चा 100 रूपयों से ज्यादा का भी होता है। Continue reading…

 

HRA में छूट के लिये पत्नी को किराया देना

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सावधान अगर आप अपनी पत्नी को किराया देते हैं तो

अगर आप अपनी पत्नी को किराया देते हैं तो आप HRA या 80GG के तहत छूट नहीं ले सकते हैं, भले ही आपके पास उसकी रसीद हो। इस तरह के बहुत से केस आयकर विभाग में आये हैं जहाँ पर पत्नी अपनी किराये की आमदनी बता रही थी, जो कि असल में आप खुद ही किराया दे रहे थे। और इस तरहे के केसों खारिज करने का आधार यही है कि पति और पत्नी एक साथ रहते हैं तो पति पत्नी को किराया नहीं दे सकता है।

परंतु फिर भी आप तर्क प्रस्तुत कर सकते हैं क्योंकि HRA की छूट तब उपलब्ध है जब कि घर के मालिक कोई नजदीकी रिश्तेदार है (जैसे कि अभिभावक या पत्नी) और जिसके लिये आप नियमित रूप से किराया दे रहे हैं। इसके लिये कुछ कोर्ट केस भी लड़े गये हैं और जीते भी गये हैं जिसमें आयकर विभाग को HRA में छूट देना पड़ी है।

इसका मतलब यह भी समझा जा सकता है कि अगर होम लोन पत्नी के नाम पर है तो पति पत्नी को किराया देकर HRA क्लेम कर सकता है। केवल यह उन्हीं पति पत्नी के लिये फायदेमंद है जिसमें पत्नी का आय शून्य हो या टैक्स कम लगता हो, तो पति और पत्नी दोनों ही इस तरहे के ट्रांजेक्शन का फायदा ले सकते हैं। परंतु आप आयकर विभाग की स्क्रूटनी में आने के लिये भी तैयार रहें। यह भी याद रखें कि अगर आपके विरूद्ध फैसला आता है तो आपको जुर्माना और ब्याज दोनों ही देना पड़ेगा। अगर आप विश्वस्त हैं तो ही आप इस तरह की छूट के चक्कर में न पड़ें। यह जितना फायदा देने वाला है उतना ही जोखिम भी हो सकता है।

अगर आप अपनी पत्नी के नाम पर घर केवल इस किराये के फायदे का लिये ले रहे हैं तो ध्यान रखें कि दंड देने के लिये नियम भी है सेक्शन 64 के तहत जो कि टैक्स से बचने के लिये होता है।

मूलत आपके दस्तावेज बिल्कुल सही होने चाहिये और साथ ही यह भी साफ रहना चाहिये कि घर खरीदने में किसने रकम अदा की है और कितनी रकम अदा की है, यह सब बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। कानून में ऐसा कुछ नहीं लिखा है कि आप किसी परिवार के सदस्य को किराया नहीं दे सकते हैं। लेकिन फिर भी यह बताना, समझाना और प्रत्युत्तर देना बहुत ही कठिन है और खासकर तब जब कि मकान मालकिल पत्नी हो। मैं कभी भी किसी को भी पत्नी को किराया देने की राय बिल्कुल भी नहीं दूँगा।

 

आयकर विभाग शिकायतों के समाधान के लिये ई-निवारण लेकर आया

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ई-निवारण

आयकर विभाग ने शिकायतों के समाधान के लिये, इलेक्ट्रॉनिक तरीके से शिकायतों को निपटाने के लिये ई-निवारण नाम से नया सिस्टम उतारा है, ई-निवारण से बेहद तेजी से आयकरदाताओं को शिकायतों को सुना जायेगा और सुनिश्चित किया जायेगा कि जल्दी से जल्दी उनकी शिकायतों का निराकरण कर दिया जाये। Continue reading…

 

केवायसी क्या होता है ?

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केवायसी क्या होता है ?

KYC याने की अपने ग्राहक को जानना, वैसे तो जिस बैंक या वित्तीय संस्था में आप लेन देन करते हैं, वहाँ आपको सब जानते हैं, पर अगर किसी और जगह आप वित्तीय लेनदेन करने जायेंगे तो वे आपको नहीं जानते, तो सभी वित्तीय संस्थान आपको जाने कि आपकी उम्र कितनी है, आपकी आज कितने रकम रखते हैं, जिससे वे आपको उपयुक्त बातें बता पायें, अगर आप कोई बड़ी रकम जमा कर रहे हैं तो उन्हें कोई ऐतराज नहीं होगा क्योंकि उन्हें केवायसी से पता चल जायेगा कि आप इतनी रकम जमा कर सकते हैं और किसी तरह की गलत कमाई का पैसा यहाँ जमा नहीं कर रहे हैं।

केवायसी का मतलब होता है अपने ग्राहक को जानने की प्रक्रिया।

सेबी ने हवाला निरोधक एक्ट 2002 के अतर्गत दिशा निर्देश दिये हैं, जिससे कि सारे वित्तीय संस्थान और मध्यवर्ती संस्थानों जैसे कि म्यूचयल फंड को अपने ग्राहक से परिचित होना जरूरी है, इसे ही केवायसी का नाम दिया गया है।

केवायसी प्रक्रिया से हवाला और सन्देहजनक ट्रांजेक्शन को रोकने में मदद मिलती है।

केवायसी की प्रक्रिया ऑफलाईन होती है, याने कि आपको फॉर्म भरकर वित्तीय संस्थान याने कि बैंक या फिर cams के कार्यालय में जमा करवाना होता है।

आप अब हमारे वीडियो यूट्यूब चैनल फाईनेंशियल बकवास पर भी सुन सकते हैं। नये वीडियो को अपने ईमेल में पाने के लिये सब्स्क्राईब बटन पर क्लिक करें।

 

 

क्रेडिट स्कोर रिपोर्ट फ्री में कैसे पायें

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हमारे वित्तीय लक्ष्यों को पाने में क्रेडिट स्कोर जो कि क्रेडिट रिपोर्ट में मिलता है, का बहुत बड़ा हाथ होता है, क्रेडिट रिपोर्ट दरअसल आपके पूरी वित्तीय लेनदेन का इतिहास है, फिर भले ही वह आपने किसी भी वित्तीय संस्थान से किसी भी प्रकार का ऋण लिया हो या फिर आपको क्रेडिट कार्ड के लेनदेन हो या पोस्टपैड मोबाईल बिल हो या पोस्टपैड ब्रॉडबैंड कनेक्शन हो। आपसे संबंधित हर जानकारी क्रेडिट रिपोर्ट में अंकित होती जाती है, सभी संस्थानों के लिये यह जरूरी होता है कि वे क्रेडिट ब्यूरो पर अपने खाताधारियों के बारे में हर लेनदेन की जानकारी दें।

अगर आप किसी भी प्रकार का ऋण बैंक से लेने जा रहे हैं तो बैंक सबसे पहले आपका क्रेडिट रिपोर्ट लेगा और आपका वित्तीय स्वास्थ्य देखेगा, अगर आपका वित्तीय स्वास्थ्य याने कि क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो कोई भी वित्तीय संस्थान आपको आराम से ऋण दे देगा और अगर वित्तीय स्वास्थ्य याने कि क्रेडिट स्कोर अच्छा नहीं है तो ऋण मिलना बहुत ही मुश्किल होता है।

क्रेडिट स्कोर रिपोर्ट फ्री में कैसे पायें

सबसे पहले आप अपने आपको पैसाबाजार वेबसाईट पर रजिस्टर करिये।

पैसाबाजार वेबसाईट इक्वीफैक्स कंपनी से क्रेडिट स्कोर और रिपोर्ट देती है, पैसाबाजार वेबसाईट यह कार्य वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के लिये कर रही है।

पैसाबाजार वेबसाईट पर क्रेडिट स्कोर और रिपोर्ट आवेदन करने का बाद आपको 24 घंटों के भीतर ही क्रेडिट रिपोर्ट का ईमेल आ जायेगा।

इक्वीफैक्स भारत में उपलब्ध क्रेडिट ब्यूरों में से एक है, बहुत से वित्तीय संस्थाएं किसी भी व्यक्ति के वित्तीय स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिये इक्वीफैक्स की क्रेडिट रिपोर्ट लेते हैं।

अगर आपको क्रेडिट स्कोर और रिपोर्ट समझ नहीं आती है तो आप यहाँ टिप्पणी कर सकते हैं, हम आपको क्रेडिट रिपोर्ट समझने में मदद करेंगे या फिर आप किसी भी वित्तीय सलाहकार से मदद ले सकते हैं।

आप अब हमारे वीडियो यूट्यूब चैनल फाईनेंशियल बकवास पर भी सुन सकते हैं। नये वीडियो को अपने ईमेल में पाने के लिये सब्स्क्राईब बटन पर क्लिक करें।

 

 

डीमैट शेयरों पर लोन

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कई लोग शेयर बाजार में निवेश तो करते हैं परंतु अगर कभी किसी कारणवश उन्हें अपने व्यापार या निजी कार्य के लिये पैसा चाहिये होता है तो वे अपने शेयर बेच देते हैं, और जिसमें कई बार उनको घाटा भी उठाना पड़ता है। क्योंकि हो सकता है कि उनके शेयर का भाव खरीदे गये भाव से कम हो, या फिर वे ज्यादा टैक्स चुकायेंगे क्योंकि हो सकता है कि वे एक वर्ष के पहले अपने शेयर बेच रहे हों। उनको अपने मुनाफे में भी समझौता करना पड़ सकता है, निवेश के समय अध्ययन में पाया हो कि आगे ये कंपनी का मुनाफा अच्छा हो सकता है और इससे शेयरों के भाव भी बढ़ेंगे। Continue reading…

 

आयकर के जाँच के दायरे में आने के कारण

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कई बार हम लोग सुनते हैं कि फलाना बंदा आयकर के जाँच के दायरे में आ गया, तो हमें भी डर लगता है कि कहीं हम भी कुछ गलत तो नहीं कर रहे हैं जिससे हम भी आयकर जाँच के दायरे में आ जायें, वैसे इसमें डरने वाली बात कुछ नहीं है क्योंकि आयकर जाँच के दायरे में अगर आप आ भी जाते हो तो आपको आयकर अधिकारियों को अपनी आय व्यय संबंधित दस्तावेज ही दिखाने होते हैं। हम आपको बतायेंगे कि आयकर जाँच याने कि स्क्रूटनी में आने के क्या कारण हो सकते हैं, जिससे आप आगे से सावधानी बरतें और सुखी वित्तीय जीवन व्यतीत करें। Continue reading…

 

गृहऋण बंद करने के पहले

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हम जब किसी भी प्रकार का ऋण पूरा चुकता कर देते हैं तो हम बहुत खुश होते हैं, परंतु हमें ऋण बंद करते समय बहुत सी बातों का ध्यान रखना चाहिये जो कि हम ऋण बंद होने की खुशी में भूल ही जाते हैं और फिर आगे हम समस्याओं का सामना करते हैं। अभी हम बात करेंगे कि होम लोन / गृह ऋण बंद करने के पहले हमें क्या क्या देखना चाहिये और किन बातों का ध्यान रखना चाहिये। Continue reading…