पैन नंबर (स्थायी खाता संख्या) कब अनिवार्य है

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पैन नंबर (स्थायी खाता संख्या) कब अनिवार्य है, यह सबको पता होना चाहिये, कई जगह लोगों को पूरी जानकारी नहीं होने की दशा में हमें तकलीफ उठानी पड़ती है, हम कुछ भी खरीदारी करने जाते हैं तो हमसे पैन नंबर मांगा जाता है, और हमें पता भी नहीं होता कि पैन नंबर की वाकई यहाँ जरूरत भी है या नहीं, या फिर आपको पता है कि ज्यादा राशि की खरीददारी पर पैन नंबर अनिवार्य है परंतु कुछ जगह कम राशि पर ही पैन नंबर ले लेते हैं, हम आगे बात करेंगे कि कहाँ कहाँ आपको पैन नंबर अनिवार्य हैं।

पैन नंबर कब अनिवार्य हैं

1 जनवरी 2016 से 2 लाख के ऊपर किसी भी तरह के भुगतान पर आपको पैन नंबर बताना अनिवार्य कर दिया गया है। फिर भले ही आप किसी भी तरह का नगद या क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन कर रहे हों।

बैंक में किसी भी प्रकार का खाता खोलने के लिये पैन नंबर देना अनिवार्य है, केवल प्रधानमंत्री जन धन योजना में खाता खोलने के लिये पैन नंबर की जरूरत नहीं है।

अगर 50 हजार रूपये या इससे ज्यादा के प्रीपेड कार्ड एक साल में खरीदे हैं तो पैन नंबर देना अनिवार्य है। 2 लाख से ज्यादा के स्वर्ण आभूषण की खरीददारी पर (पहले 5 लाख) भी पैन कार्ड अनिवार्य है।

भूमि-भवन के खरीदने या बेचने पर अब 5 की जगह 10 लाख की राशि पर पैन नंबर देना अनिवार्य है। यह अलग बात है कि आजकल 10 लाख रूपये में भूमि-भवन मिलना बहुत ही मुश्किल है।

अगर होटल, रेस्त्राँ का बिल और विदेश यात्रा या विदेशी मुद्रा की खरीदारी 50 हजार रूपये से ज्यादा नगद करते हैं तो पैन नंबर अनिवार्य है। (पहले 25 हजार लिमिट थी)

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