What is Bad Bank ? बैड बैंक क्या होते हैं ?

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बैड बैंक याने कि खराब लोन वाले बैंक ऐसे विशेष बैंक होते हैं जिसमें सारे खराब लोन याने कि जो लोन एन.पी.ए. हो चुके हैं, या बहुत ज्यादा जोखिम वाले बैंक हैं। सारे बैंकों में से ज्यादा जोखिम वाले लोन या एन.पी.ए. वाले खराब लोन को एक नया बैंक बनाकर उनमें ये सारे लोन खाते ट्रांसफर कर दिये जायेगें। जिससे जो अभी के बैंक हैं उन पर इन खराब लोन के कारण जो उनकी एसेट क्वालिटी खराब हो रही है, उनको फायदा होगा, अभी तकलीफ यह है कि ये बैंकें और ज्यादा लोन नहीं दे सकती हैं। उसमें ऐसे लोग भी हो सकते हैं जो शायद अपना सपना साकार करने के लिये सही तरीके से व्यापार करना चाह रहे हैं परंतु दूसरे लोगों के खराब लोन के कारण उनको लोन नहीं मिल पा रहा है।

बैड बैंक से फायदा यह होगी कि यह पूरे बैंकिंग सिस्टम को बचा लेगा, और खराब लोन, खराब लोगों और जोखिम वाले व्यापारों को चिन्हित कर लिया जायेगा। जिससे सही लोगों को लोन दिया जा सकेगा और उनके जोखिम का सही तरीके से विश्लेषण कर लिया जायेगा। अभी इन बैड बैंकों पर भारत में बनाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे सरकारी सार्वजनिक बैंकें और बड़े निजी बैंकों के बड़े जोखिम वाले लोन एवं एन.पी.ए. लोन को ट्रांसफर कर दिया जाये और इन बैंकों को क्लीन बैंक करके फिर से बाजार में चलाया जाये, इससे होगा यह कि बैंक की एसेट क्वालिटी सुधर जायेगी और ये बैंक अपने बिजनेस को सही तरीके से आगे बढ़ा पायेंगे।

बहुत ज्यादा जोखिम वाले लोन खातों और एन.पी.ए. के कारण से बैंक अपने नियमित ऑपरेशन सही तरीके से नहीं कर पा रहे हैं, एक बार इस तरह के खातों को चिन्हित कर लिया जायेगा और बैड बैंको में इस तरह के खातों को ट्राँसफर करने के बाद ये बैंक अपने नियमित खाताधारियों पर ज्यादा ध्यान दे पायेंगे। साथ ही नये व्यापारियों को भी मौके मिलेंगे, पुराने लोन वालों के कारण नये व्यापारियों को अपना व्यापार करने में बहुत तकलीफ होती है और बैंक उन्हें लोन देने से कतराते हैं।

बैड बैंक से भारत की बैंकिंग व्यवस्था पर अच्छा असर होने की उम्मीद है, अगर चिन्हित किये गये खाते और लोगों पर सख्त कार्यवाही की जाती है, इससे भारत के बैंकिंग क्षैत्र से जोखिम और बिना जोखिम वाले दोनों ही जगहों में नये उद्योगों को नये मौके मिलेंगे और भारत विकास के नये सौपानों को पायेगा।

 

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