HIV+ के लिये बीमा कंपनियाँ मना नहीं कर सकतीं।​ Insurance Companies can’t deny cover for HIV+ patients.​

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने HIV+ बीमारी के लिये बीमा कंपनियों को कहा है कि वे इसका इलाज अपनी बीमा पॉलिसी से हटा नहीं सकते हैं, जब तक कि उनके एक्चुयरी की ओर से न कहा जाये। नियामक ने कहा है कि HIV+ और AIDS के लिये बीमा कंपनियाँ कवरेज में पक्षपात […]
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स्वास्थ्य बीमा और क्रिटिकल बीमा पॉलिसी (Critical insurance policy)

स्वास्थ्य बीमा (Mediclaim Insurance) जो कि आप अपनी किसी भी भविष्य में होने वाली बीमारी का दशा में अस्पताल में भर्ती होना पड़े, उसके लिये लेते हैं, वैसे ही क्रिटिकल बीमा प्लॉन (Critical insurance policy) भी स्वास्थ्य बीमा में लोकप्रिय है। क्रिटिकल बीमा प्लॉन केवल एक साधारण सा स्वास्थ्य बीमा होता है, तो आपको यह […]
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Life Insurance Claim Dishonored जीवन बीमा दावा अस्वीकृत !!!

जीवन बीमा दावा अस्वीकृत (Life Insurance Claim Dishonored) होने से हमारा परिवार आर्थिक रूप से बिखर सकता है, बीमा दावा अस्वीकृत न हो इसके लिये हमें  वापिस से हमें हमारी जीवन बीमा पॉलिसी को एक बार फिर बारीकी से देखना चाहिये। जीवन बीमा दावा अस्वीकृत होने के मुख्य तीन ही कारण हैं – अगर आपके […]
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आयकर में छूट पाने के लिये सही जगह निवेश करें

आयकर में छूट पाने के लिये हम जीवन भर निवेश के बारे में योजना बना सकते हैं, पर अगर एक बार आप तैयार हो जायें तो योजना की मनोस्थिती से बाहर आकर निवेश करना शुरू करें। हमेशा योजना की मनोस्थिती में रहना भी ठीक नहीं, कभी न कभी तो योजना पर अमल करना भी जरूरी […]
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बीमा (Insurance) के Renewal पर Product Review जरूर करें

बीमा Insurance बहुत जरूरी है |     बीमा Insurance हर किसी के लिये बहुत जरूरी है, फिर भले ही वह जीवन बीमा (Life Insurance) हो, वाहन के लिये बीमा (Vehicle Insurance) हो या फिर आपके स्वास्थ्य (Mediclaim Insurance) और दुर्घटना (Personal Accidental Insurance) का बीमा हो। जब भी हम बीमा Insurance लेते हैं तो हम […]
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क्या आप सुरक्षित आर्थिक जीवन के लिये प्रतिबद्ध हैं ?

    हम कमाते हैं, हम घर के खर्चों को उठाते हैं, बैंक के ऋण की किस्त चुकाते हैं और हमारी बचत बैंक में हो ही रही है। और फिर बाद में हम अपनी कमाई की बचत से सावधि जमा (Fixed Deposit) बनवा लेते हैं और थोड़े समय बाद फिर से एक और बनवा लेते हैं। […]
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