भारत की वित्तीय एवं निवेश उद्योग को समझें – मुद्रा, वित्तीय परिसंपत्तियाँ, प्रतिभूतियाँ Indian Financial and Investment Industry Money

Basic Concept – वित्तीय तंत्र बाजार और संस्थाओं का जाल होता है, जो कि अर्थव्यवस्था में धन को सभी विभागों तक पहुँचाते हैं। विभिन्न विभागों में धन संचार कई तरीकों से होता है जैसे मुद्रा (Money), वित्तीय पूँजी, प्रतिभूतियाँ (डेब्ट, इक्विटी)। सबसे पहले हम इन बुनियादी बातों को समझते हैं, जो कि हमें इस वित्तीय […]
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अगर SIP की कुछ किश्तें न भर पायें तो क्या करें? What if you miss SIP installments?

SIP में निवेश करना याने कि लंबी अवधि के लिये अपने निवेश के लिये प्रतिबद्धता है। आप अपने म्यूचुअल फंड हाऊस को हर महीने या त्रैमासिक, किसी एक दिन पर बैंक से सीधे पैसे लेने की मंजूरी दे देते हैं, जिसे कि ऑटो डेबिट सुविधा भी कहा जाता है। पहले यह एक फॉर्म पर देना […]
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मुद्रास्फीति – सही पूर्वानुमान लगाना Inflation – the right Assumption

हाल ही में मुद्रास्फीति (Inflation) की दर अगर देख रहे होंगे तो कम हुई है, जिसके बहुत से कारण हैं, पर यह आपके फाइनेंशियल प्लॉन याने कि वित्तीय आयोजना में भी नजर आनी चाहिये। क्या आपको पता है कि एक जादुई करामात वाली चीज आपके फाइनेंशियल प्लॉनिंग में हमेशा ही रहती है और जो आपकी […]
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What is market Capitalization? बाजार में पूँजीकरण क्या है?

  सभी कंपनियाँ अलग अलग संख्या में बाजार में अपने शेयर जारी करती हैं, जब वे बाजार में लिस्ट होती हैं, याने कि आईपीओ के जरिये। हर कंपनी के एक शेयर की कीमत अन्य कंपनी के शेयर से अलग होती है। बाजार के पूँजीकरण का सीधा सा गणित है बाजार में पब्लिक को जारी किये […]
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म्यूच्यूअल फंड्स पर कैपिटल गेन्स टैक्सेस का प्रभाव

यूनियन बजट, २०१७ में वित्त मंत्री ने लांग टर्म कैपिटल एसेट के इंडेक्सेशन लाभ के आधार अवधि अर्थात बेस पीरियड को 1 अप्रैल, १९८१ से बढ़ाकर 1 अप्रैल, २००१ कर दिया है जिसके प्रभाव की चर्चा हम आगे इस लेख में करेंगे | इसके अलावा म्यूचुअल फंड योजना के विलयन अर्थात मर्जर को कर मुक्त […]
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बचत का कितना प्रतिशत फिक्स रिटर्न में और कितना जोखिम में Investment percentage in Fixed and Risky return Instruments

बचत का कितना प्रतिशत फिक्स रिटर्न में और कितना जोखिम में Investment percentage in Fixed and Risky return Instruments सभी लोग बचत करते हैं, परंतु सभी को संशय रहता है कि बचत का कितना प्रतिशत फिक्स रिटर्न में और कितना प्रतिशत जोखिम वाले बाजार में लगाना चाहिये। इसे हम कहते हैं एसेट एलोकेशन और सभी […]
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अभी तक शेयर बाजार या म्यूचुयल फंड में निवेश नहीं किया है, तो करिये, देखिये कैसे ?

अभी तक शेयर बाजार या म्यूचुयल फंड में निवेश नहीं किया है, पर अब मियादी जमा से अपना निवेश निकालकर अब शेयर बाजार या म्यूचुयल फंड में लगाना चाहते हैं, तो आपको बहुत सावधानी की जरूरत तो नहीं परंतु आपको अपना दिल कड़ा करने की जरूर जरूरत है। क्योंकि मियादी जमा याने कि फिक्सड डिपॉजिट […]
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सेवानिवृत्ति के बाद भी क्या ELSS में निवेश जारी रखना चाहिये ?

सेवानिवृत्ति के बाद भी क्या ELSS में निवेश जारी रखना चाहिये ? ELSS याने कि Equity Linked Saving Schemes आयकर की धारा 80 C में एकमात्र ऐसा उत्पाद है जिसका लॉकइन समय सबसे कम है, याने कि केवल 3 वर्ष बाकी के उत्पादों याने कि PPF, NSC, FD के लॉकइन समय 5 वर्ष या इससे […]
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SIP चल रही है, अब उस SIP में ही और ज्यादा निवेश करना चाहते हैं, तो क्या करना होगा ?

SIP चल रही है, अब उस SIP में ही और ज्यादा निवेश करना चाहते हैं, तो क्या करना होगा ? SIP निवेश के लिये एक अहम वित्तीय उत्पाद है और SIP में निवेश अपनी क्षमता अनुसार किसी भी समय बढ़ाना हमेशा ही आपके लक्ष्यों के लिये लाभदायक साबित होगा। SIP में निवेश बढ़ाने के लिये […]
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फिक्सड डिपॉजिट पर ब्याज कम होने के बाद पहले जितना ब्याज कैसे कमायें How to earn more after cut in Fixed Deposit Interest

फिक्सड डिपॉजिट पर ब्याज कम होने के बाद पहले जितना ब्याज कैसे कमायें How to earn more after cut in Fixed Deposit Interest अभी जब से मियादी जमा पर ब्याज दर कम हो गई है तब से लोग म्यूचुयल फंड और शेयर बाजार के बारे में ज्यादा जानने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग […]
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