अगर SIP की कुछ किश्तें न भर पायें तो क्या करें? What if you miss SIP installments?

SIP में निवेश करना याने कि लंबी अवधि के लिये अपने निवेश के लिये प्रतिबद्धता है। आप अपने म्यूचुअल फंड हाऊस को हर महीने या त्रैमासिक, किसी एक दिन पर बैंक से सीधे पैसे लेने की मंजूरी दे देते हैं, जिसे कि ऑटो डेबिट सुविधा भी कहा जाता है। पहले यह एक फॉर्म पर देना […]
Continue reading…

 

आयकर में छूट पाने के लिये सही जगह निवेश करें

आयकर में छूट पाने के लिये हम जीवन भर निवेश के बारे में योजना बना सकते हैं, पर अगर एक बार आप तैयार हो जायें तो योजना की मनोस्थिती से बाहर आकर निवेश करना शुरू करें। हमेशा योजना की मनोस्थिती में रहना भी ठीक नहीं, कभी न कभी तो योजना पर अमल करना भी जरूरी […]
Continue reading…

 

KYC Compliance म्यूचयल फंड या बाजार में निवेश के लिये जरूरी है।

  अगर आप म्यूचयल फंड या बाजार में याने कि सीधे स्टॉक, बॉन्ड या कमोडिटी में निवेश करना चाहते हैं तो निवेशक को सेबी (SEBI) की जरूरत याने कि Know Your Customer KYC Compliance को पूरा करना होता है। हर व्यक्ति निवेश करना चाहता है परंतु केवल Know Your Customer (KYC) को जटिल प्रक्रिया मानकर […]
Continue reading…

 

Mutual Fund में Direct Plan या Regular Plan – दूसरा भाग

पिछले ब्लॉग में आपने पढ़ा कि आपको  Direct Plan से कितना फायदा हो सकता है। म्यूचयल फंड में Direct Plan या Regular Plan प्रत्यक्ष निवेश (Direct Plan) के लिये mutual fund के बारे में पहले से जानकारी होना जरूरी है –     जब आप किसी भी adviser के पास जाते हैं तो उसके पास बहुत […]
Continue reading…

 

म्यूचयल फंड में Direct Plan या Regular Plan

    प्रचलित तरीके (Regular Plan) से म्यूचयल फंड (Mutual Fund) में निवेश करने से ज्यादा फायदा है या प्रत्यक्ष निवेश (Direct Plan) करने से, यहाँ पर हम कुछ बिंदुओं पर चर्चा करेंगे।     प्रचलित तरीके से म्यूचयल फंड में निवेश करने में हमें डिस्ट्रीब्यूटर (Distributor) को कमीशन (Commission) देना पड़ता है जबकि प्रत्यक्ष निवेश करने से […]
Continue reading…