मियादी जमा अपरिपक्व आहरण या ऋण (अधिविकर्ष खाता) दो विकल्प

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मियादी जमा अपरिपक्व आहरण या ऋण (अधिविकर्ष खाता) दो विकल्प

अगर मियादी जमा (Fixed Deposit) को तय समय से पहले ही निकाल लिया जाये तो बैंक कितना ब्याज देगी और कितना जुर्माना (Penalty) लगायेगी, यह प्रश्न बहुत से लोगों को परेशान करता है, परंतु कई लोग इसे जानने की कोशिश नहीं करते हैं और बैंक जितना भी गणना (Calculation) करके दे देती है, उसी पर निर्भर रहते हैं। जब भी आप मियादी जमा करवाते हैं तो ध्यान रखें कि बैंक और आप के बीच यह एक निश्चित समय के लिये करार किया गया है, और अगर आप करार (Contract) बीच में तोड़ेंगे तो आपको जुर्माना भरना पड़ेगा और आपको ब्याज का नुक्सान (Loss of Interest) भी होगा।

जब भी आपको लगे कि अब तो मियादी जमा निकालनी ही है तो आपके पास दो विकल्प होते हैं –

  1. बैंक से मियादी जमा तय समय से पहले ही निकाल ली जाये। (Pre Mature Withdraw)

  2. मियादी जमा के विरूद्ध आप ऋण ले लें। (Overdraft against Fixed Deposit)

हम इन विकल्पों को थोड़ा और समझते हैं, कि आपके लिये क्या अच्छा हो सकता है, ये आप कैसे सुनिश्चित करें।

  1. बैंक से मियादी जमा तय समय से पहले ही निकाल ली जाये।

जब भी आपको रूपयों की जरूरत है और आपको हमेशा ही मियादी जमा की याद आती है क्योंकि यह आपकी बचत के साथ ही आपके जरूरत के वक्त साथ देने वाली बचत भी होती है। अगर रकम आपको लंबे समय के लिये कहीं देनी है या खर्च करनी है तो बेहतर है कि बैंक द्वारा निश्चत जुर्माना और शुल्क देकर अपनी मियादी जमा की रकम को ले लिये जाये। इसमें जितने भी समय आपकी मियादी जमा बैंक में जमा रही है, उतने समय के ब्याज की गणना करके आपको दे दिया जायेगा। अपरिपक्व निकासी पर कुछ शुल्क (Charges) भी देय हो सकता है जिसके नियम अलग अलग बैंकों में अलग अलग होते हैं। 1 से 2 प्रतिशत तक का ब्याज पर जुर्माना देय हो सकता है।

  1. मियादी जमा के विरूद्ध आप ऋण ले लें।

जब आपको कुछ ही समय के लिये रूपयों की जरूरत हो तो अपरिपक्व निकासी न करके, आप अपनी मियादी जमा के विरूद्ध एक ऋण ले लीजिये, जिस पर आपको अपनी मियादी जमा से 1 या 2 प्रतिशत ब्याज देय होगा। ऋण एक बार भी लिया जा सकता है और अगर अधिविकर्ष खाता (Overdraft Account) खुलवा लेते हैं तो जब भी जरूरत हो आप रूपयों का उपयोग कर सकते हैं और जितने दिनों के लिये आप रकम का उपयोग करेंगे केवल उतने ही दिनों का ब्याज बैंक लगायेंगी। इसका फायदा यह है कि आपकी मियादी जमा आपके लिये बचत का काम तो कर ही रही है परंतु साथ ही आप केवल 1 या 2 प्रतिशत ज्यादा पर अपनी ही रकम से ऋण लेकर किसी भी वक्त पड़ने वाली जरूरतों को भी पूरा कर पा रहे हैं।

एक उदाहरण के साथ समझते हैं –

मियादी जमा करवाई – 5 वर्ष के लिये 8 प्रतिशत की दर से 1,00,000 रूपयों की 01 जनवरी 2014 को

पहले विकल्प में अगर 01 जनवरी 2017 को रूपये निकालेंगे तो 3 वर्ष का जितना ब्याज 01 जनवरी 2014 को चल रहा होगा, उतना ब्याज और अगर कोई जुर्माना होगा तो वह भी लगेगा, याने कि 1 या 2 प्रतिशत।

दूसरे विकल्प में आप केवल अधिविकर्ष खाता (Overdraft Account) खुलवा लेते हैं तो आप 90 प्रतिशत रकम का उपयोग कर पायेंगे याने कि 90,000 रूपये और जितने दिन रकम का उपयोग करेंगे उतने दिन के लिये आपको 9 या 10 प्रतिशत की दर से ब्याज लगेगा। मान लीजिये का आपने 50,000 रूपयों को 30 दिन के लिये उपयोग किया और 30 दिन के बाद वापिस भर दिया तो 50,000 रूपयों पर 30 दिन का ब्याज ही देय होगा। जितने दिन रूपयों का उपयोग करेंगे उतने ही दिनों का ब्याज देना होगा।

मियादी जमा के अपरिपक्व आहरण के पूर्व दोनों विकल्पों पर जरूर विचार कर लें।

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