Are you ready for less interest rates कम ब्याज दर के लिये तैयार हैं?

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Are you ready for less interest rates कम ब्याज दर के लिये तैयार हैं?

जो लोग अभी तक अपनी बचत को बैंक में या फिर छोटी बचत की योजनाओं में निवेश कर रहे थे, उनके लिये ये बुरे दिन हैं, और वे अब बहुत बड़ी परेशानी का सामना कर रहे हैं, क्योंकि आजकल बैंकों में और सभी प्रकार की बचत योजनाओं में ब्याज दर बहुत ही कम हो चुकी है। आने वाले दिनों में इसमें और कमी आ सकती है। पिछले महीने सरकार ने अपनी सारी बचत योजनाओं में 10 बेसिस पॉईंट का ब्याज दर में कमी कर दी है, याने कि जितनी भी बचत योजनाएँ हैं जैसे कि नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट, सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र और पब्लिक प्रॉवीडेंड फंड सभी में .10 प्रतिशत के ब्याज दर की कटौती जुलाई – सितंबर अवधि के लिये कर दी गई है। यह होना इसलिये भी लाजिमी थी क्योंकि बैंकें भी अपनी ब्याज दर में लगातार कटौती कर रहे हैं।

तो आज, जिनकी भी बचत इन सरकारी योजनाओं में है वे अब अपनी ही बचत को लेकर असमंजस की स्थिती में हैं, जहाँ बचत खाते पर भारतीय स्टेट बैंक 1 करोड़ रूपयों से कम रकम पर केवल 3.5 प्रतिशत ब्याज दे रही है और 1 करोड़ रूपयों से ज्यादा होने पर ही 4 प्रतिशत ब्याज दे रही है। परंतु कितने लोग इतनी बड़ी रकम अपने बचत खातों मे रखते हैं, यह सबसे बड़ा सवाल है। सभी लोग बैंकों में पैसा इसलिये रखते हैं कि कम से कम वहाँ हमारे पैसों की ग्यारंटी है, परंतु हम इस ग्यारंटी की कीमत कम ब्याज लेकर चुका भी रहे हैं। लेकिन अगर आप अपना गुजारा ही ब्याज की रकम से कर रहे हैं तो अब बहुत ही मुश्किल का सामना कर रहे होंगे, क्योंकि अब ब्याज दर बहुत ही कम हो चुकी है।

हम तो पता नहीं कबसे यह कह रहे हैं कि आप सभी को इन बचत वाले वित्तीय उत्पादों से अपना ध्यान हटाकर ज्यादा फायदे वाले वित्तीय उत्पादों में निवेश करना चाहिये, हाँ आपके बचत वाले वित्तीय उत्पाद बहुत साधारण हैं क्योंकि उनमें आप लंबे समय से निवेश कर रहे हैं और बचत को ही निवेश का नाम दे रहे हैं। जब आप ज्यादा फायदे वाले वित्तीय उत्पादों में एक बार निवेश करना शुरू करेंगे, तो वे वित्तीय उत्पाद भी आपको समझ में आने लगेंगे। ध्यान रखिये कि साधारण बचत वित्तीय उत्पादों में आप अपने निवेश को बहुत अच्छा नहीं कर पायेंगे। सही तरीके से यह कहें कि अगर बचत वाले वित्तीय उत्पादों पर आयकर देने के बाद और मुद्रास्फीति की गणना करने के बाद आप पायेंगे कि आपका मूलधन भी कम हो चुका है, वह भी सुरक्षित नहीं है और हम सोचते हैं कि इससे कुछ रकम कमाकर अपना गुजारा कर लेंगे।

Interest Rates

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वहीं जब भारतीय रिजर्व बैंक ब्याज दर कम करती है तो जिनके ऊपर ऋण हैं वे सोचते हैं कि अब ऋण पर भी ब्याज दर कम होगी, परंतु दरअसल बैंकों द्वारा उतना ब्याज दर कम किया ही नहीं गया है और भारतीय रिजर्व बैंक बैंकों के इस फैसले से बहुत नाराज है। नाराज होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि बैंक भी यहाँ व्यापार करने ही बैठे हैं, अगर उनको लाभ नहीं होगा तो उनके बैंकिंग व्यापार का कोई फायदा नहीं है। थोड़ी बहुत ब्याज की अगर छूट आपको मिल भी जायेगी तो उससे कोई बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला है, पर अगर आप अब भी बचत वाले वित्तीय उत्पादों के ब्याज पर निर्भर हैं तो यह एक चेतावनी है क्योंकि आने वाले समय में अब इस तरह के वित्तीय उत्पादों पर ब्याज दर और कम होंगे।

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