सावधि जमा के 5 नियम आप शायद न जानते हों 5 Rules of Fixed Deposit, you may not know

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हम लोग अपनी जमा अधिकतर Fixed Deposit में ही रखते हैं, परंतु हम बहुत से नियमों के बारे में नहीं जानते हैं, आईये हम आपको बताते हैं 5 नियम जो कि आपकी सावधि जमा पर लागू होते हैं –

सावधि जमा पर बीमा (Insurance on Deposits)

  • DICGC ( Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation)
  • बीमा की प्रीमियम बैंक द्वारा ही दी जाती है।
  • बैंक के कंगाल होने की स्थिती में अधिकतम 1 लाख रूपया हर जमाकर्ता को मिल सकता है, मूलधन और ब्याज दोनों मिलाकर।

ऋण / ओवरड्रॉफ्ट – (Loan / Overdraft)

  • सावधि जमा के विरूद्ध आप ऋण या ओवरड्रॉफ्ट ले सकते हैं।
  • 90% तक की रकम का ऋण या ओवरड्रॉफ्ट लिया जा सकता है।
  • अधिकतर बैंकें सावधि जमा से 1% ब्याज ज्यादा लेती हैं।

टीडीएस – (TDS  – Tax deducted at source)

  • बैंक से सावधि जमा पर मिलने वाला ब्याज पर आयकर लगता है।
  • ब्याज की आय को आपकी आय में जोड़कर उस टैक्स स्लैब से कर देना होता है।
  • बैंक दिये गये ब्याज का टीडीएस 10% काटती है, अगर ब्याज की रकम एक वर्ष में 10,000 रूपयों से ज्यादा होती है।
  • अगर आप आयकर स्लैब में नहीं आते हैं तो आप 15H/ 15G फॉर्म बैंक को भरकर दे सकते हैं, जिससे टीडीएस नहीं कटेगा।

आवर्ती जमा खाता – ( Recurring Deposit)

  • 2015 से सरकार ने आवर्ती जमा खाते पर मिलने वाले ब्याज को भी आय की श्रेणी में रखा है और ब्याज पर टीडीएस लगेगा।

सार ब्याज की आय को जोड़ना – (Clubbing of Interest income)

  • सारे सावधि जमा, आवर्ती जमा जो कि एक ही बैंक की कई शाखाओं में हैं तो सबका ब्याज आय के स्रोत के रूप में जोड़ लिया जाता है और उस पर टीडीएस काटा जाता है।

 

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