म्यूच्यूअल फंड्स पर कैपिटल गेन्स टैक्सेस का प्रभाव

यूनियन बजट, २०१७ में वित्त मंत्री ने लांग टर्म कैपिटल एसेट के इंडेक्सेशन लाभ के आधार अवधि अर्थात बेस पीरियड को 1 अप्रैल, १९८१ से बढ़ाकर 1 अप्रैल, २००१ कर दिया है जिसके प्रभाव की चर्चा हम आगे इस लेख में करेंगे | इसके अलावा म्यूचुअल फंड योजना के विलयन अर्थात मर्जर को कर मुक्त […]
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अभी तक शेयर बाजार या म्यूचुयल फंड में निवेश नहीं किया है, तो करिये, देखिये कैसे ?

अभी तक शेयर बाजार या म्यूचुयल फंड में निवेश नहीं किया है, पर अब मियादी जमा से अपना निवेश निकालकर अब शेयर बाजार या म्यूचुयल फंड में लगाना चाहते हैं, तो आपको बहुत सावधानी की जरूरत तो नहीं परंतु आपको अपना दिल कड़ा करने की जरूर जरूरत है। क्योंकि मियादी जमा याने कि फिक्सड डिपॉजिट […]
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आयकर में छूट पाने के लिये सही जगह निवेश करें

आयकर में छूट पाने के लिये हम जीवन भर निवेश के बारे में योजना बना सकते हैं, पर अगर एक बार आप तैयार हो जायें तो योजना की मनोस्थिती से बाहर आकर निवेश करना शुरू करें। हमेशा योजना की मनोस्थिती में रहना भी ठीक नहीं, कभी न कभी तो योजना पर अमल करना भी जरूरी […]
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KYC Compliance म्यूचयल फंड या बाजार में निवेश के लिये जरूरी है।

  अगर आप म्यूचयल फंड या बाजार में याने कि सीधे स्टॉक, बॉन्ड या कमोडिटी में निवेश करना चाहते हैं तो निवेशक को सेबी (SEBI) की जरूरत याने कि Know Your Customer KYC Compliance को पूरा करना होता है। हर व्यक्ति निवेश करना चाहता है परंतु केवल Know Your Customer (KYC) को जटिल प्रक्रिया मानकर […]
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म्यूचयल फंड में Direct Plan या Regular Plan

    प्रचलित तरीके (Regular Plan) से म्यूचयल फंड (Mutual Fund) में निवेश करने से ज्यादा फायदा है या प्रत्यक्ष निवेश (Direct Plan) करने से, यहाँ पर हम कुछ बिंदुओं पर चर्चा करेंगे।     प्रचलित तरीके से म्यूचयल फंड में निवेश करने में हमें डिस्ट्रीब्यूटर (Distributor) को कमीशन (Commission) देना पड़ता है जबकि प्रत्यक्ष निवेश करने से […]
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