म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश कब करें? When to Invest in Mutual Fund and Equity Market​?

हम निवेश के लिये हमेशा ही उत्साहित रहते हैं और हमेशा ही अपनी जमापूँजी को, मेहनत की गाढ़ी कमाई को किसी और के कहने पर दाँव पर लगाने के लिये तैयार रहते हैं। हम अपनी ही बचत के लिये अपना दिमाग खर्च करने की बिल्कुल कोशिश नहीं करते हैं, बस किसी एक्सपर्ट ने क्या बता […]
Continue reading…

 

नये जमाने के वित्तीय उत्पादों में निवेश करें, परंपरागत निवेश उत्पादों को छोड़ें

परंपरागत निवेश उत्पादों से हटकर आज के वित्तीय उत्पादों में बच्चों के भविष्य के लिये निवेश करना होगा। बच्चे निष्कपट होते हैं, और वे सभी बातों पर यकीन कर लेते हैं जो उनको कही जाती हैं और वही उनके मानस में अंकित हो जाता है। जब आप अपने बच्चों के लिये निवेश करें तो आप […]
Continue reading…

 

इक्विटी म्यूचुअल फंड और एसआईपी में आप अपने बच्चे के लिये निवेश करिये

भारत में अभिभावकों के लिये बच्चों की पढ़ाई और विवाह हमेशा ही प्राथमिकता में होते हैं।आज की दुनिया में बहुत से विविध कैरियर के ऑप्शन भी हैं जैसे खेल, गायन, नृत्य इत्यादि, तथा साथ ही पढ़ाई का खर्च बढ़ता ही जा रहा है।
Continue reading…

 

कौन से पेंशन प्लॉन लेना चाहिये।

पेंशन बहुत सी बातों पर निर्भर करती है, जैसे कि किस उम्र में आप सेवानिवृत्त होना चाहते हैं। सरकारी नौकरी में 58 या 60 या 62 की उम्र में सेवानिवृत्त होते हैं। आपकी अभी की जीवनशैली कैसी है, आपके अभी के मासिक खर्च कितने हैं, आप सेवानिवृत्त के बाद क्या करना चाहते हैं। अपनी जरूरतों […]
Continue reading…

 

अगर SIP की कुछ किश्तें न भर पायें तो क्या करें? What if you miss SIP installments?

SIP में निवेश करना याने कि लंबी अवधि के लिये अपने निवेश के लिये प्रतिबद्धता है। आप अपने म्यूचुअल फंड हाऊस को हर महीने या त्रैमासिक, किसी एक दिन पर बैंक से सीधे पैसे लेने की मंजूरी दे देते हैं, जिसे कि ऑटो डेबिट सुविधा भी कहा जाता है। पहले यह एक फॉर्म पर देना […]
Continue reading…

 

म्यूच्यूअल फंड्स पर कैपिटल गेन्स टैक्सेस का प्रभाव

यूनियन बजट, २०१७ में वित्त मंत्री ने लांग टर्म कैपिटल एसेट के इंडेक्सेशन लाभ के आधार अवधि अर्थात बेस पीरियड को 1 अप्रैल, १९८१ से बढ़ाकर 1 अप्रैल, २००१ कर दिया है जिसके प्रभाव की चर्चा हम आगे इस लेख में करेंगे | इसके अलावा म्यूचुअल फंड योजना के विलयन अर्थात मर्जर को कर मुक्त […]
Continue reading…

 

बीच में ही अपनी जीवन बीमा पॉलिसी को बंद करना चाहते हैं ?

बीच में ही अपनी जीवन बीमा पॉलिसी को बंद करना चाहते हैं, तो आपके लिये जानना जरूरी है कि आपको आयकर भरना होगा। वैसे जीवन बीमा पॉलिसी के सरेंडर के समय भुगतान की रकम पर कर के लिये अलग से कुछ बताया नहीं गया है। एक आयकर में बचत के लिये इस बात का जान […]
Continue reading…

 

अभी तक शेयर बाजार या म्यूचुयल फंड में निवेश नहीं किया है, तो करिये, देखिये कैसे ?

अभी तक शेयर बाजार या म्यूचुयल फंड में निवेश नहीं किया है, पर अब मियादी जमा से अपना निवेश निकालकर अब शेयर बाजार या म्यूचुयल फंड में लगाना चाहते हैं, तो आपको बहुत सावधानी की जरूरत तो नहीं परंतु आपको अपना दिल कड़ा करने की जरूर जरूरत है। क्योंकि मियादी जमा याने कि फिक्सड डिपॉजिट […]
Continue reading…

 

सेवानिवृत्ति के बाद भी क्या ELSS में निवेश जारी रखना चाहिये ?

सेवानिवृत्ति के बाद भी क्या ELSS में निवेश जारी रखना चाहिये ? ELSS याने कि Equity Linked Saving Schemes आयकर की धारा 80 C में एकमात्र ऐसा उत्पाद है जिसका लॉकइन समय सबसे कम है, याने कि केवल 3 वर्ष बाकी के उत्पादों याने कि PPF, NSC, FD के लॉकइन समय 5 वर्ष या इससे […]
Continue reading…

 

SIP चल रही है, अब उस SIP में ही और ज्यादा निवेश करना चाहते हैं, तो क्या करना होगा ?

SIP चल रही है, अब उस SIP में ही और ज्यादा निवेश करना चाहते हैं, तो क्या करना होगा ? SIP निवेश के लिये एक अहम वित्तीय उत्पाद है और SIP में निवेश अपनी क्षमता अनुसार किसी भी समय बढ़ाना हमेशा ही आपके लक्ष्यों के लिये लाभदायक साबित होगा। SIP में निवेश बढ़ाने के लिये […]
Continue reading…