कौन से पेंशन प्लॉन लेना चाहिये।

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पेंशन बहुत सी बातों पर निर्भर करती है, जैसे कि किस उम्र में आप सेवानिवृत्त होना चाहते हैं। सरकारी नौकरी में 58 या 60 या 62 की उम्र में सेवानिवृत्त होते हैं। आपकी अभी की जीवनशैली कैसी है, आपके अभी के मासिक खर्च कितने हैं, आप सेवानिवृत्त के बाद क्या करना चाहते हैं। अपनी जरूरतों को आज के अनुसार देखें और उसके बाद अपने भविष्य की जरूरतों के लिये मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए अपनी जरूरतों के अनुसार प्लॉन बनायें। ऐसी बहुत सी वेबसाईट हैं जहाँ आप अपनी जरूरत अनुसार धन पर मुद्रास्फीति के प्रभाव के लिये गणना कर सकते हैं।

आप अपने जोखिम के अनुसार अपने निवेश को रख सकते हैं, जिसमें भी आपको सुविधा लगे, सबके अपने अपने सुविधाओं के क्षैत्र होते हैं, जहाँ उन्हें अच्छा लगता है, आप अपना धन बैलेन्स म्यूचुअल फंड, डेब्ट फंड इत्यादि में भी लगा सकते हैं, जहाँ आप निवेश करके ठीक ठाक लाभ कमा सकते हैं।

अगर आप म्यूचुअल फंड में अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं तो आप अपने निवेश के कुछ हिस्से को पेंशन फंड में भी लगा सकते हैं, जहाँ आपको फिक्स रिटर्न मिलता रहेगा।

आपको अपने पेंशन प्लॉन में क्या क्या देखना चाहिये –

जीवन भर की एन्युनिटी और निवेशित रकम की वापसी हो

15-20 वर्ष का एन्युनिटी ऑप्शन (यहाँ आपको थोड़ा सा ज्यादा रकम मिलेगी, क्योंकि यह कम अवधि के लिये है।

कुछ कंपनियाँ एन्युनिटी के साथ पत्नि की भी एन्युनिटी और निवेशित रकम की वापसी का विकल्प भी देती हैं।

सबसे पहले तो आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपको किस उम्र से पेंशन चाहिये। साथ ही यह विकल्प भी हो कि अगर जिस कंपनी में पेंशन प्लॉन के लिये आप प्रीमियम भर रहे हैं और बाद में वह आपको पसंद न आये तो सेवानिवृत्ति के समय, एन्युटी के छ: महीने पहले, आप अपनी पसंद की किसी और कंपनी में अपनी निवेश ले जा पायें।

पेंशन आयकर के अंतर्गत आती है और पेंशन को आय माना जाता है, आयकर के अधिनियम के अनुसार पेंशन की रकम पर आयकर लगेगा। पेंशन पाते रहने के लिये आपको अपने जीवित रहने का प्रमाण पत्र देते रहना होगा, अगर आपने जीवित रहने का प्रमाण पत्र नहीं दिया तो आपकी पेंशन रोकी जा सकती है।

 

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