आप किस प्रकार के निवेशक हैं? Which type of Investor you are?

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बाजार में कैसे निवेश करें आजकल सभी लोगों का यही प्रश्न होता है। मजे की बात है कि सभी लोग इस प्रश्न का उत्तर अपने अपने हिसाब से देते हैं, इसका कारण है कि सबका अपना अलग अनुभव होता है। जितने पुराने निवेशक (Investor) हैं उनमें दो ही प्रकार के निवेशक हैं –

  • खुद पढ़ते हैं और निवेश करते हैं।
  • दूसरों के बताये हुए या किताब पढ़कर या टीवी देखकर निवेश करते हैं।

खुद पढ़ते हैं और निवेश करते हैं।

पहले प्रकार के निवेशक हमेशा ही फायदे में रहते हैं क्योंकि उनको बाजार के बारे में बहुत सारी जानकारी रहती है, वे अपनी जानकारी के दम पर ही बाजार के कई लोगों से जुड़े होते हैं और अपने ज्ञान का सही तरीके से उपयोग करते हैं। वे अपनी जानकारी अन्य विशेषज्ञों से बाँटते हैं और अन्य विशेषज्ञ इनसे जानकारी साझा करते हैं। इसके पीछे मुख्य मकसद होता है कि किसी भी तरह की जानकारी को हर प्रकार के कोण से परखना, जिससे किसी भी प्रकार का जानकारी छूट न जाये और वे उसका फायदा या नुक्सान तय कर पायें। ये लोग निवेशक कहलाते हैं और कहीं किसी से खुलेआम कोई बात नहीं करते हैं, केवल मौका और व्यक्ति का ज्ञान देखकर ही बातें करते हैं। उन्हें पता है कि उनके ज्ञान का फायदा उठाने के लिये दुनिया बैठी है और जो शोध वे कर रहे हैं और जिस जानकारी के लिये पढ़ लिख रहे हैं, उससे कोई और मुफ्त में ही फायदा उठा ले जायेगा। जबकि मेहनत वे अपने खुद के लिये कर रहे हैं। ये लोग कभी भी किसी भी शेयर से रातों रात मालामाल नहीं होना चाहते हैं, बल्कि कंपनी के बारे में सारी जानकारी जुटाते हैं और किसी भी कंपनी में निवेश करने के पहले उसकी वार्षिक रिपोर्ट पढ़ते हैं, ज्यादा निवेश करना हो तो उसके प्रबंधन से मिलकर उनकी योजनाओं के बारे में जानते हैं। कंपनी को उत्पादों और उनका व्यापार कितना जल्दी और कैसे फैल सकता है, के बारे में जानकारी जुटाते हैं। जिससे उनको अनुमान लगाना आसान रहे कि भविष्य में यह कंपनी कैसा करने वाली है, कंपनी में पैसा लगाने में कितना जोखिम है इत्यादि।

दूसरों के बताये हुए या किताब पढ़कर या टीवी देखकर निवेश करते हैं।

दूसरे प्रकार के निवेशक जो मेहनत करके पैसा तो कमाते हैं, परंतु अपनी गाढ़ी कमाई को अपने हाथों ही जोखिम में डाल देते हैं, ये लोग आम निवेशक कहलाते हैं। आम निवेशक हमेशा ही अपने निवेश किसी के कहने पर करता है, या तो वह किसी न किसी दोस्त या शेयर ब्रोकर या किसी के द्वारा लिखी गई टिप्स या टीवी देखकर या फिर किसी किताब में पढ़कर निवेश करने का निर्णय करता है। आम निवेशक को कभी भी शेयर बाजार की कोई बात समझ में नहीं आती है, उसका प्राथमिक कारण है कि वह मेहनत नहीं करना चाहता, और दूसरा कारण है कि वह समझता है कि शेयर बाजार को समझना बहुत ही कठिन है। परंतु अगर शेयर बाजार की कंपनियों को आप अपनी कंपनी समझकर पढ़ना शुरू कर दें तो यह काम बहुत आसान हो जायेगा। यह समझ लें कि सारा पैसा आपकी जेब से जा रहा है और जेब में ही आ रहा है, तभी आप शेयर बाजार की कठिन शब्दावली को सीख पायेंगे। आम निवेशक को बाजार में कमाने के मौके कम मिलते हैं और अधिकतर शेयर बाजार में ये लोग तब खरीददारी करते हैं जब उस शेयर को बेचने का समय होता है और फिर घाटा होने पर, सभी को यही कहते फिरते हैं कि शेयर बाजार सही नहीं है, इसमें पैसे लगाना बेबकूफी है। मैंने इतने सारे पैसे शेयर बाजार में गँवा दिये, पर आम निवेशक कभी भी इस बात को नहीं मानेगा कि उसने अपनी खुद की पढ़ाई नहीं की थी, और इसके कारण घाटा हुआ था। बाजार में तो एक से एक घाघ बैठे हैं, सभी लोग पैसा कमाने ही बैठे हैं। शेयर बाजार में कोई एक पैसा गँवायेगा तभी कोई और पैसा कमायेगा। आसानी से कोई इस बाजार में पैसा नहीं कमा सकता है, जब कोई आपको खरीदने की टिप्स दे रहा है तो इसका मतलब यह भी हो सकता है कि उसके पास बहुत सारे शेयर हैं और अब उसे बेचकर मुनाफा कमाना है तो वह खुलेआम सभी को खरीदने को बोल रहा है जिससे कि शेयर बाजार में उस शेयर की डिमांड बढ़ जाये और उसके भाव ओर बढ़ जायें और खरीदने वालों की भी कोई कमी न रहे।

 

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