म्यूचुअल फंड में एक्सपेंस रेशो

म्यूचुअल फंड में एक्सपेंस रेशो तो सभी ने सुना होगा, पर बहुत ही कम लोग इसका मतलब भी जानते हैं। एक्सपेंस रेशो मतलब कि म्यूचुअल फंड हाऊस द्वारा आपके निवेश किये हुए पैसे को सँभालने का वार्षिक शुल्क है। जिसे कि सीधे ही आपके म्यूचुअल फंड से ले लिया जाता है। इससे सीधे ही आपके निवेश पर असर पड़ता है।

एक्सपेंस रेशो कोई फिक्स शुल्क नहीं होता है, यह आपके निवेश की राशि पर निर्भर करता है और म्यूचुअल फंड हाऊस उसका प्रतिशत में शुल्क लेते हैं। सेबी ने म्यूचुअल फंड में एक्सपेंस रेशो की अधिकतम लिमिट बनाई हुई है, जो कि म्यूचुअल फंड  हाऊस निवेशक से ले सकते हैं। इक्विटी म्यूचुअल फंड में अधिकतम 2.50% और डेब्ट म्यूचुअल फंड 2.25% सेबी ने निर्धारित की हुई है।

एक्सपेंस रेशो में बहुत से शुल्कों का नियोजन रहता है, जो कि म्यूचुअल फंड स्कीम के बेहतर प्रबंधन के लिये बहुत ही जरूरी है। म्यूचुअल फंड प्रबंधन का शुल्क हर दिन निवेशक को लगाता है, परंतु माह में एक बार ही बताता है, एक्सपेंस रेशो के तीन मुख्य कारक हैं –

१. प्रबंधन शुल्क – म्यूचुअल फंड एक ऐसा उत्पाद है जो कि कई बार निवेश नीति में चिंतन और सूक्ष्म अवलोकन करने के बाद निवेशक को निवेश करने की अनुमति देता है।

म्यूचुअल फंड हाऊस इन म्यूचुअल फंड स्कीम को चलाने कि लिये फंड मैनेजर को रखते हैं, उनको निवेश सलाहकार शुल्क या प्रबंधन शुल्क देय होता है, यह फीस पूरे फंड के एसेट का 0.5% से 1.5% तक होती है।

२. प्रबंधन लागत – म्यूचुअल फंड को चलाने के लिये भी लागत लगती है, जैसे कि ग्राहक सेवा केंन्द्र, पत्राचार, ईमेल, जानकारी भेजना, हिसाब रखना ओऱ भी कई कार्य होते हैं। म्यूचुअल फंड में प्रबंधऩ लागत अलग अलग हो सकती है और साथ ही लंबी बहस भी की जा सकती है।

३. डिस्ट्रीब्यूशन फीस – म्यूचुअल फंड हाऊस अपनी स्कीम की मार्केटिंग और विज्ञापन के लिये डिस्ट्रीब्यूशन फीस वसूलते हैं। म्यूचुअल फंड निवेशकों से ही यह फीस वसूल करते हैं, जिससे कि नये निवेशकों को विज्ञापन के जरिये लुभाया जा सके।

एक्सपेंस रेशो से आपके निवेश पर क्या असर पड़ेगा –

म्यूचुअल फंड में एक्सपेंस रेशो से आपके निवेश में लंबी अवधि में बहुत अंतर पड़ेगा, भले ही म्यूचुअल फंड के ये एक्सपेंस रेशो दिखने में छोटे हों परंतु मान लीजिये कि 20 वर्ष की निवेश की अवधि हो तो यह कीमत लाख रूपये तक भी पहुँच सकती है।

एक उदाहरण से देखते हैं –

अगर आप 20 वर्ष के लिये 10,000 रूपयों का निवेश करते हैं, और 2.5% एक्सपेंस रेशो है, आपको निवेश 15% वार्षिक रिटर्न दे रहा है। शुल्क काटने के बाद निवेश 98,639 रूपये होता है जबकि 1,63,655 रूपये होना चाहिये, लगभग एक तिहाई हिस्सा म्यूचुअल फंड के एक्सपेंस रेशो में चला जाता है।

म्यूचुअल फंड के एक्सपेंस रेशो से बचा नहीं जा सकता है, परंतु थोड़ा कम किया जा सकता है, म्यूचुअल फंड में डिस्ट्रीब्यूटर प्लॉन की जगह डाईरेक्ट प्लॉन में निवेश करने की शुरूआत करें। अगर आप किसी डिस्ट्रीब्यूटर से म्यूचुअल फंड नहीं खरीद रहे हैं और ऑनलाईन ही खरीद रहे हैं, तो हमेशा ही बेहतर है कि आप डाईरेक्ट प्लॉन के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश करें, क्योंकि डायरेक्ट प्लॉन का एक्सपेंस रेशो कम होता है औऱ य़ह किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा नहीं दिया जा रहा है तो मिससेलिंग भी नहीं हो सकती है। डिस्ट्रीब्यूशन और डायरेक्ट फंड में एक्सपेंस रेशो में लगभग 0.8% का अंतर होता है, जो कि आपके निवेश को बहुत ज्यादा प्रभावित करता है।अगर 100 रूपये आज निवेश करते हैं तो 15 वर्ष के बाद डायरेक्ट प्लॉन में निवेशित निवेश की कीमत 609 रूपये होगी और डिस्ट्रीब्यूशन प्लॉन में किये निवेश की कीमत 547 रूपये होगी। तो म्यूचुअल फंड  में अगली बार निवेश करने के पहले एक्सपेंस रेशो का भी ध्यान जरूर रखें।

https://www.youtube.com/watch?v=uLF96RU28UI


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