RBI ने क्रिप्टोकरंसी कारोबारियों का धंधा किया चौपट Cryptocurrencies Banned by RBI

क्रिप्टोकरंसी पर आखिरकार भारतीय रिजर्व बैंक ने लगाम कस ही दी है। भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि जो भी वित्तीय संस्था भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निगमित होती है वह संस्था किसी भी तरह के क्रिप्टोकरंसी ट्रांजेक्शन नहीं कर सकती है। इसका मतलब सीधा यह हुआ कि भारतीय रिजर्व बैंक ने क्रिप्टोकरंसी को रोका नहीं है, वरन अपनी संस्थाओं पर क्रिप्टोकरंसी के बदले में हो रहे लेन देन पर रोक लगा दी है। कोई भी बैंक या कोई और वित्तीय संस्था अब क्रिप्टोकरंसी के बदले बेची हुई रकम को अपने यहाँ नहीं जमा करने देगा, या फिर अगर किसी को क्रिप्टोकरंसी खरीदनी है तो भी बैंक में रखी रकम से उसे नहीं खरीदा जा सकेगा।

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सनद रहे कि भारतीय रिजर्व बैंक हमेशा ही भारतीय नागरिकों को नुकसान न हो, इसके लिये हमेशा ही तत्पर रहता है और इसी के चलते भारतीय रिजर्व बैंक ने 6 अप्रैल 2018 को अपने नोटिफिकेशन RBI/2017-18/154 में सभी कमर्शियल, सहकारी बैंकों, पैमेन्ट बैंकों, स्मॉल फाईनेंस बैंक, गैर वित्तीय बैंकिंग संस्थाएँ और पैमेन्ट सर्विस प्रोवाईडर्स को साफ साफ कहा है कि 24 दिसंबर 2013, 1 फरवरी 2017 और 5 दिसंबर 2017 के नोटिस में वर्चुअल करंसी के बारे में यूजर्स, ट्रेडर्स और करंसी होल्डर्स को चेताया जा चुका था। बिटक्वाईन के साथ ही अन्य वर्चुअल करंसी में बहुत जोखिम है और भारतीय रिजर्व बैंक भारत के लोगों के हितों की रक्षा करने के लिये प्रतिबद्ध है।

वर्चुअल करंसी में बढ़ते जोखिम के कारण भारतीय रिजर्व बैंक ने निर्णय लिया है कि तत्काल प्रभाव से, जो भी संस्थाएँ भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नियंत्रित की जाती हैं, वे वर्चुअल करंसी में डील नहीं करेंगी या फिर किसी भी व्यक्ति या संस्था जो कि वर्चुअल करंसी से संबंधित काम करते हैं या सुविधा उपलब्ध करवाते हैं, जो कि खाता मैनेज करते हैं, रजिस्टर करते हैं, ट्रैडिंग करते हैं, सैटल करते हैं, क्लियरिंग का काम करते हैं या वर्चुअल करंसी के विरूद्ध ऋण देते हैं, वर्चुअल करंसी को कोलेटरल के रूप में लेते हैं, उन एक्सचेंज में खाते खोलते हैं जिसमें वर्चुअल करंसी के डील होते हैं, वर्चुअल करंसी को खरीदने या उनको बेचने या ट्राँसफर या रकम जमा करते हों।

वे सारी वित्तीय संस्थाएँ जो कि भारतीय रिजर्व बैंक से नियंत्रित होती हैं और वे इन सब सुविधाओं का लाभ देती हैं वे इस नोटिफिकेशन की दिनांक से 3 महीने के अंदर उक्त सारी सुविधाएँ देना बंद कर दें।

इस नोटिफिकेशन का सीधा मतलब यह है कि अब भारतीय बैंकों से आप भारतीय मुद्रा से सीधे न ही वर्चुअल करंसी खरीद सकते हैं न बेच सकते हैं। अब अगर किसी को वर्चुअल करंसी में डील करना हो तो उन्हें किसी विदेशी बैंक में खाता खोलना होगा और फिर उसे रकम को जो कि डॉलर या यूरो में होगी, उसे भारतीय मुद्रा में लाना होगा। जब वह रकम भारतीय मुद्रा में आयेगी तो भारतीय रिजर्व बैंक को हर ट्रांजेक्शन के बारे में कारण के साथ अपने आप पता चल जायेगा।

कुल मिलाकर भारत में वर्चुअल करंसी को खरीदना, बेचना अब बहुत मुश्किल हो चुका है, क्योंकि उससे संबंधित बैंकिंग की सारी सुविधाओं पर भारतीय रिजर्व बैंक ने रोक लगा दी है।

बहुत से लोगों द्वारा पिछले 2 वर्षों में करंसी माईनिंग की मशीने लगाई गई हैं, वे माइनिंग तो कर पायेंगे परंतु बेचना अब उनके लिये बहुत मुश्किल होगा, हाँ वे अपनी माईनिंग से कमाई हुई करंसी से किसी ऑनलाईन वेबसाईट जो कि वर्चुअल करंसी से खरीददारी करने देती हो, वहाँ से खरीददारी कर सकते हैं। वैसे भी हम भारतीय लोग हर किसी नियम की धज्जियाँ उड़ाने में माहिर होते हैं और जल्दी ही इससे संबंधित कोई न कोई तोड़ निकाल ही लिया जायेगा।

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